Khatauli (Muzaffarnagar )। उत्तर प्रदेश के खतौली थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। अंति गांव में एक किसान को गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 50 वर्षीय संजय गुर्जर पुत्र चरता सिंह के रूप में हुई है, जो अपने खेत पर नियमित कार्य कर रहा था। अपराधियों ने न केवल उसे निशाना बनाया बल्कि हत्या को अंजाम देने के बाद मौके से फरार भी हो गए।
दिन के उजाले में हुई वारदात, खेत बना मौत का मैदान
सुबह लगभग 11 बजे, संजय गुर्जर अपने खेत पर सामान्य दिन की तरह काम कर रहा था। उसी समय, गांव के समीपवर्ती क्षेत्र में मौजूद कुछ अज्ञात हमलावर वहां आ धमके और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर संजय को लहूलुहान कर दिया। गोलियों की आवाज़ से गांव का शांत वातावरण थर्रा उठा। खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण गोलियों की आवाज़ सुनकर घटनास्थल की ओर दौड़े और वहां का मंजर देखकर सन्न रह गए। संजय जमीन पर खून से लथपथ पड़ा हुआ था, दर्द से कराह रहा था।
परिवार में मचा कोहराम, पूरे गांव में मातम
घटना की सूचना मिलते ही संजय के परिजन और गांववाले घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि संजय की हालत बेहद नाजुक है। आनन-फानन में स्थानीय पुलिस को भी सूचित किया गया। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचते ही ग्रामीणों की मदद से संजय को अस्पताल भिजवाया, लेकिन दुर्भाग्यवश डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किसान की मौत की खबर से परिजनों में चीख-पुकार मच गई और गांव में मातम पसर गया।
पुलिस की जांच शुरू, लेकिन हमलावर अभी भी फरार
खतौली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और पंचनामा की कार्यवाही भी की गई। हालांकि अभी तक किसी भी आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के कारणों और हमलावरों की मंशा के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। फ़िलहाल, पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी हुई है और गांव के कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।
कई सवाल खड़े – क्या थी रंजिश? क्या ये सुनियोजित मर्डर था?
इस निर्मम हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह हत्या किसी पुरानी रंजिश का नतीजा है? क्या संजय को पहले से धमकी मिल रही थी? या फिर खेत की ज़मीन से जुड़ा कोई विवाद था? फिलहाल इन तमाम सवालों के जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। मगर जिस तरह से इस वारदात को अंजाम दिया गया, उससे यह स्पष्ट है कि हत्यारे पेशेवर और बेहद निडर थे। गांववालों के अनुसार संजय का किसी से कोई बड़ा झगड़ा नहीं था, लेकिन गांव के अंदरूनी मामलों में कई बार जमीन को लेकर विवाद होते रहे हैं।
ग्रामीणों में डर का माहौल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल है। लोग अपने खेतों पर काम करने से डरने लगे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस से लगातार गश्त बढ़ाने और हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। खतौली जैसे अर्ध-शहरी क्षेत्र में इस तरह की वारदात ने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किसान हत्या की घटनाएं बढ़ती चिंता का विषय
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जहां किसानों को किसी न किसी कारण निशाना बनाया जा रहा है। भूमि विवाद, गैंग रंजिश, फसलों से जुड़ी दुश्मनी, या फिर राजनीतिक मतभेद – ऐसे कई कारणों से किसान वर्ग निशाने पर है। शासन को चाहिए कि वह इन मामलों को गंभीरता से ले और ग्रामीण सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए।
आखिर कब रुकेगा किसानों का बहता खून?
एक ओर सरकारें किसान हितैषी योजनाओं का दावा करती हैं, वहीं दूसरी ओर खुलेआम खेतों में किसानों की हत्या हो रही है। सवाल यह है कि किसान अगर खेत में भी सुरक्षित नहीं है, तो फिर कहां है उसकी सुरक्षा? संजय गुर्जर की हत्या एक और उदाहरण है कि कैसे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और कानून व्यवस्था को खुलेआम चुनौती दी जा रही है।
**संजय गुर्जर की निर्मम हत्या से गांव में मातम है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं। पुलिस से उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी और संजय को अपनी जान न गंवानी पड़े।**