Muzaffarnagar की नई मंडी में स्थित जीसी पब्लिक स्कूल के जूनियर विंग में आज एक विशेष कार्यक्रम “ग्रैंड पैरेंट्स डे” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की हेड मिस्ट्रेस श्रीमती ममता चौहान ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीनियर काउंसलर श्रीमती कंचन सोनी ने की, जिन्होंने इस अवसर पर दादा-दादी, नाना-नानियों का दिल से स्वागत किया।

भारतीय संस्कृति में दादा-दादी का महत्व

भारतीय संस्कृति में दादा-दादी और नाना-नानियों का एक विशेष स्थान है। वे न केवल बच्चों के लिए स्नेह और प्यार का स्रोत होते हैं, बल्कि उन्हें संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों की शिक्षा भी देते हैं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपने दादा-दादियों और नाना-नानियों का स्वागत भारतीय परंपरा के अनुसार पौधे देकर, तिलक लगाकर और उनके चरण स्पर्श करके किया। यह एक बहुत ही भावुक क्षण था, जिसमें सभी बुजुर्गों की आंखों में आंसू थे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

इस विशेष दिन को और भी खास बनाने के लिए, विद्यालय में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बच्चों ने अपने दादा-दादी, नाना-नानियों के सम्मान में कई गीत, गजल, और भजन प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम में बच्चों की कड़ी मेहनत और उनकी प्रतिभा देखने लायक थी। सभी उपस्थित अतिथियों ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना की और उन्हें आशीर्वाद दिया।

हेड मिस्ट्रेस का संदेश

कार्यक्रम में अपने संबोधन में, श्रीमती ममता चौहान ने कहा कि “बच्चे दादा-दादी की धरोहर हैं। उनके सानिध्य में बच्चों का अधिकांश समय गुजरता है, और वही उनके सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। आजकल माता-पिता अपनी व्यस्तता के कारण बच्चों के साथ अधिक समय नहीं बिता पाते, जिससे बच्चों का अधिकांश समय दादा-दादी के साथ गुजरता है। यह उन्हें भारतीय धर्म और संस्कृति के बारे में सिखाता है और संस्कार प्रदान करता है।”

कपल डांस और अन्य गतिविधियाँ

कार्यक्रम में बच्चों ने कपल डांस का भी आयोजन किया, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह बच्चों और बुजुर्गों के बीच की एकता और प्रेम को दर्शाता है। इस आयोजन में अध्यापिका श्रीमती मोनिका शर्मा और उनके सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। इसके साथ ही, विद्यालय के कार्यालय अधीक्षक नीरज बाबू का भी उल्लेखनीय योगदान रहा, जिसने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भविष्य की योजनाएं

कार्यक्रम के समापन पर, श्रीमती ममता चौहान ने बताया कि विद्यालय में बच्चों के हित में नए कार्यक्रम और कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। वे आश्वस्त थीं कि ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन आगे भी किया जाएगा, ताकि बच्चे और उनके दादा-दादी, नाना-नानी के बीच का रिश्ता और मजबूत हो सके।

इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों का हृदय से आभार प्रकट करते हुए श्रीमती ममता चौहान ने कहा कि “दादा-दादी और नाना-नानी का महत्व कभी कम नहीं होता। हमें अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।”

ग्रैंड पैरेंट्स डे का यह आयोजन न केवल बच्चों और बुजुर्गों के बीच के संबंधों को मजबूत करने का एक प्रयास था, बल्कि यह भारतीय संस्कृति के उन मूल्यों को भी प्रदर्शित करता है, जिन्हें हम अपनी नई पीढ़ी में संचारित करना चाहते हैं। इस कार्यक्रम ने हमें यह सिखाया कि दादा-दादी और नाना-नानियों का प्यार और मार्गदर्शन बच्चों के विकास में कितना महत्वपूर्ण है।



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