Muzaffarnagar जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरना और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोपा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता, व्यवस्थाओं की स्थिति और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित हो सकें। 🏥


ओपीडी, दवा उपलब्धता और प्रसूति सेवाओं की विस्तार से जांच

निरीक्षण के दौरान ओपीडी व्यवस्था, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, प्रसूति सेवाओं की गुणवत्ता, लैब सुविधाओं की स्थिति और रिकॉर्ड संधारण की समीक्षा की गई। साफ-सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया और संबंधित कर्मचारियों को नियमित निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय कुमार को निर्देशित किया गया कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।


सिकंदरपुर गांव में घर-घर पहुंचकर संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा

इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मोरना ब्लॉक के ग्राम सिकंदरपुर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आशा और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे सर्वे कार्य की जानकारी ली और ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया।

ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे संचारी रोगों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करते हुए साफ-सफाई बनाए रखने और जलभराव से बचने की सलाह दी गई।


मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने पर दिया विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गांवों में जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर उन्हें समाप्त कराया जाए। साथ ही मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने के लिए नियमित अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग की टीमों को निर्देशित किया गया कि घर-घर जाकर जागरूकता गतिविधियों को और तेज किया जाए, ताकि संचारी रोगों की रोकथाम प्रभावी रूप से की जा सके।


कमहेड़ा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण

इसके पश्चात मोरना ब्लॉक के ग्राम कमहेड़ा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया गया। यहां केंद्र पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, उपकरणों की कार्यशीलता, संक्रमण नियंत्रण उपायों और रिकॉर्ड संधारण व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई।

संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रमाणन कार्यक्रम के मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाए, जिससे मरीजों को बेहतर और सुरक्षित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।


गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना प्राथमिकता: सीएमओ

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान को पूरी गंभीरता और प्रभावशीलता के साथ संचालित किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाना चाहिए।


ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर दिया जोर

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता को मजबूत करना विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए नियमित निरीक्षण, निगरानी और जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखा जाएगा।

अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयास करें।


मोरना और भोपा स्वास्थ्य केंद्रों के औचक निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों से स्पष्ट संकेत मिला है कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और संचारी रोग नियंत्रण अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर ताकि प्रत्येक नागरिक तक सुरक्षित और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं समय पर पहुंचाई जा सकें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *