संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 23 Aug 2024 03:14 AM IST

कासगंज। पटियाली तहसील क्षेत्र के नगला खंदारी, नेथरा के बांध गंगा की तीव्र धारा से कट गए थे। इस बांध की मरम्मत का काम बृहस्पतिवार को पूरा कर लिया गया। सिंचाई विभाग के कटान रोकने की कवायद के बाद ग्रामीणों ने राहत महसूस की है।वहीं गंगा में पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद फिर से बैराजों का डिस्चार्ज बढ़ गया है। बढ़े हुए जलस्तर का असर जिले में आने लगा है। बीते 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की वृद्धि हो गई। हालांकि राहत की बात यह कि फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर नीचे है। गंगा का जलस्तर कछला ब्रिज पर बुधवार को 163 मीटर के निशान पर था। यह जलस्तर बृहस्पतिवार को बढ़कर 163.15 मीटर के निशान पर आ गया। हरिद्वार का डिस्चार्ज बुधवार को ही बढ़ गया था। जिसका असर बिजनौर और नरौरा बैराज पर आ गया। बिजनौर का डिस्चार्ज करीब 30 हजार क्यूसेक बढ़ गया। वहीं नरौरा का डिस्चार्ज करीब 22 हजार क्यूसेक बढ़ गया। आगामी दो दिन तक जलस्तर में वृद्धि के आसार बने हुए हैं। चार दिन पूर्व नेथरा नगला खंदारी का बांध कटा था। सिंचाई विभाग को जब गंगा में पानी बढ़ने के संकेत मिले तो विभाग ने पानी का असर आने से पहले ही बांध के कटान को रोक लिया। बृहस्पतिवार को कार्य पूरा कर लिया गया। बांध में करीब सवा लाख सीसी बैग वायर क्रेट के साथ लगाए गए हैं और बांध को मिट्टी डालकर पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया गया है। जिससे गंगा की धारा फिर से कटान न कर पाए। क्योंकि जब बढ़ा हुआ जलस्तर कम होगा तो फिर से कटान की आशंका है। वहीं कटान विभाग बरौना गांव पर भी सिंचाई विभाग की निरंतर निगरानी जारी है। फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर नीचे है।
