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ओडिशा के बालासोर में हुए रेल हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। आगरा रेल मंडल में भी करीब 40 साल पहले सोहल्ला में कोहरे के दौरान दो ट्रेनों के बीच आमने-सामने टक्कर हुई थी। इस भीषण हादसे में कई यात्री हताहत हुए थे। इसके बाद फरह व कीठम के बीच भी यात्री ट्रेन मालगाड़ी से टकराई थीं।
यहां हुआ था हादसा
40 साल से रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे राजकुमार नागरथ ने ओडिशा हादसे पर दुख जताया। उन्होंने बताया कि पहले कोहरे में ज्यादा रेल दुर्घटनाएं हुआ करती थीं। आगरा कैंट के पास सबसे भीषण हादसा वर्ष 1982-83 में हुआ था। तब दक्षिण एक्सप्रेस और एक अन्य यात्री ट्रेन आमने-सामने टकराई थीं। दोनों के इंजन खड़े हो गए थे। कई लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि कोहरे में छिटपुट दुर्घटनाएं होती रहती थीं।
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कीठम-फरह के बीच भी हुआ था हादसा
सर्दियों में ही कीठम-फरह के बीच भी एक ट्रेन आगे चल रही मालगाड़ी की कपलिंग टूटने के बाद उसके डिब्बों से जा टकराई थी। इस हादसे में भी कई यात्रियों की जान गई थी। अब रेलवे ने संरक्षा पर बहुत सुधार कार्य किए हैं।
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तब संसाधन थे कम
रेल परामर्शदात्री समिति के सदस्य राजकुमार शर्मा बताते हैं कि राजा मंडी स्टेशन के पास भी करीब बीस साल पहले दुर्घटना हुई थी। तब संसाधन कम थे। ओडिशा जैसे हादसे मन विचलित करते हैं।
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