Padmashree Dr. Radha Charan Gupta an internationally renowned mathematician of Vedic mathematics passed away

पद्मश्री डॉ. राधाचरण गुप्ता का निधन
– फोटो : अमर उजाला

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सीपरी बाजार रस बहार कॉलोनी निवासी वैदिक गणित के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गणितज्ञ पद्मश्री डॉ. राधाचरण गुप्ता का लंबी बीमारी के बाद बृहस्पतिवार को शिक्षक दिवस के दिन निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को होगा। आईआईटी बॉम्बे ने उनके लेखों पर आधारित पुस्तक का प्रकाशन किया था। डॉ. राधाचरण गुप्ता का जन्म झांसी में सन 1935 में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा यहीं पूरी हुई थी। इसके बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से 1955 में स्नातक व 1957 में परास्नातक की उपाधि प्राप्त की थी। डॉ. गुप्ता ने अपना करियर गणित अध्यापक के रूप में शुरू किया था और वह लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज में प्रवक्ता रहे।

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1963 में वह दत्ता एंड सिन्हा की पुस्तक हिस्ट्री ऑफ हिंदू मैथेमैटिक्स से बहुत प्रभावित हुए थे। इसके बाद उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन वैदिक गणित के शोधपत्रों के लेखन व उसे नये आयामों तक पहुंचाने में लगा दिया था। उन्हें 1991 में राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी में फैलोशिप मिली तथा 1994 में वे भारत के गणित शिक्षक संगठन के अध्यक्ष चुने गये। 2009 में उन्हें गणित के इतिहास पर शोधपूर्ण कार्य करने के लिए अंतरराष्ट्रीय आयोग द्वारा भारत में गणित के नोबेल पुरस्कार माने जाने वाले ‘कैनेथ ओ मे’ से नवाजा गया था। 

इसके अलावा साल 2015 में आईआईटी बॉम्बे ने डा. राधाचरण गुप्ता के वैदिक गणित के इतिहास से संबंधित लेखों पर आधारित विश्व प्रसिद्ध पुस्तक ‘गणितानंद’ का प्रकाशन किया था। एनसीईआरटी दिल्ली ने डा. गुप्ता की दो पुस्तकें प्राचीन भारतीय गणित व मध्यकालीन भारतीय गणित की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक झलकियां प्रकाशित की थीं। डा. राधाचरण गुप्ता को वर्ष 2023 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया था, जबकि इसी वर्ष वर्ष बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें पर्ल्स ऑफ बुंदेलखंड सम्मान से नवाजा था। उनकी अंतिम यात्रा बृहस्पतिवार को सुबह नौ बजे निज निवास से नंदनपुरा मुक्तिधाम के लिए प्रस्थान करेगी।

कमिश्नर और कुलपति ने जताया शोक

डॉ. गुप्ता के निधन पर मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने गहरा दुख जताया। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा है कि पद्मश्री गुप्ता महान गणितज्ञ थे। उनके शोध कार्य कई पीढि़यों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनका निधन समाज के लिये अपूरणीय क्षति है। वहीं, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश कुमार पांडेय ने अपने शोक संदेश में कहा है कि डा. राधाचरण एक महान गणितज्ञ थे, जिन्होंने अपने सतत शोध कार्यों से वैदिक गणित के इतिहास को समृद्ध बनाया है। बीयू में उनके नाम से एक शोध पीठ की स्थापना की गयी है, जहां उनके कार्यों व वैदिक गणित में दिये गए योगदान को जीवित रखा जाएगा।



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