रायबरेली। सलोन क्षेत्र में करीब 20 हजार फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में वीडीओ समेत चार आरोपियों और शिकंजा कसने की तैयारी है। इसके लिए पुलिस चारों आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड पर लेकर पुलिस आरोपियों से जानने का प्रयास करेगी कि इस फर्जीवाड़े में कौन-कौन शामिल थे। इसका मास्टरमाइंड कौन है।
इस फर्जीवाड़े की जांच स्थानीय पुलिस के अलावा यूपी एटीएस भी कर रही है। पुलिस आरोपी वीडियो और जनसुविधा केंद्र संचालक की संपत्ति का ब्योरा भी जुटा रही है। सलोन कोतवाली क्षेत्र सिरसिरा, लहुरेपुर, नुरुद्दीनपुर, गोपालपुर उर्फ अनंतपुर, गढ़ी इस्लाम नगर में करीब 20 हजार जन्म प्रमाणपत्र जारी करने का फर्जीवाड़ा किया गया है।
इस मामले में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) विजय सिंह यादव, जनसुविधा केंद्र संचालक (सीएमसी) जीशान खान, सुहैल एवं रियाज खान के खिलाफ सलोन कोतवाली में धोखाधड़ी, छल समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज करके सभी को जेल भेजा गया है। इस मामले की जांच स्थानीय सलोन पुलिस के अलावा यूपी एटीएस भी कर रही है।
अब पुलिस इस फर्जीवाड़ा की परत दर परत जानकारी जुटाने के लिए आरोपियों को रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इसी माह तक पुलिस इन आरोपियों को रिमांड पर ले लेगी। क्षेत्र में चर्चा है कि यह फर्जीवाड़ा करके वीडीओ व जनसुविधा केंद्र संचालक ने अधिक संपत्ति अर्जित कर ली है। ऐसे में पुलिस दोनों आरोपियों की संपत्ति के बारे में गुपचुप तरीके से ब्योरा जुटा रही है।
केरल में मिला था गिरफ्तार आतंकी के पास रायबरेली का पहचान पत्र
सलोन क्षेत्र में जन्म प्रमाणपत्र के फर्जीवाड़ा का खुलासा होने पर सलोन विधायक अशोक कुमार ने कई खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया है कि करीब छह माह पहले केरल में आतंकवादी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंंडिया (पीएफआई) के एक सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसका पहचान पत्र रायबरेली के सलोन ब्लॉक क्षेत्र के पाल्हीपुर गांव के पते पर बना मिला था।
इस पर केरल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने यूपी पुलिस से संपर्क किया था। जांच टीम कुछ दिन पहले केरल से रायबरेली पहुंची। यहां के स्थानीय प्रशासन से संपर्क करके पाल्हीपुर गांव पहुंची। वहां ग्राम विकास अधिकारी नित्यानंद राय से मुलाकात कर प्रकरण की जानकारी ली। नित्यानंद राय ने मामले से अनभिज्ञता जताई थी। जांच में सामने आया कि पहचान पत्र एक माह पहले उस गांव में तैनात रहे वीडीओ विजय यादव ने जारी किया था।
इसके बाद पुलिस आरोपी वीडीओ तक पहुंची। विधायक का कहना है कि जब 20 हजार फर्जी प्रमाणपत्र का मामला सामने आया, तब उन्होंने प्रदेश सरकार को सूचित किया। जिले के डीएम, एसपी को भी प्रकरण की जानकारी दी। इसके बाद मामले की जांच यूपी एटीएस को सौंपी गई। विधायक का कहना है कि आरोपी वीडीओ की ओर से जारी किए गए सारे डाक्यूमेंट्स का प्रिंट आउट निकलवाया जा रहा है, जिससे उसकी गहनता से जांच की जा सके। अब तक सात हजार से ज्यादा प्रिंट आउट निकाले जा चुके हैं।
विधायक का आरोप, शांतिभंग में चालान करके छोड़ा
विधायक अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस अफसरों को मैंने बताया था कि जनसुविधा केंद्र संचालक जीशान को नहीं पकड़ा गया तो वह देश छोड़कर भाग सकता है। उसके पास वीजा-पासपोर्ट भी है, लेकिन पुलिस ने उसे कुछ घंटे थाने में बैठाने के बाद शांतिभंग में चालान कर दिया। एसडीएम कोर्ट ने उसे तुरंत जमानत दे दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में स्थानीय पुलिस और प्रशासन लीपापोती में लगा था। ब्लॉक प्रशासन ने इस मामले को दबाने की कोशिश की। मुख्यमंत्री कार्यालय और दूसरे उच्चाधिकारियों को जानकारी देने के बाद मामले में तेजी आई और एटीएस ने जांच शुरू की।
केरल पुलिस के आने की जानकारी नहीं : एएसपी
अपर पुलिस अधीक्षक नवीन कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों को जल्द रिमांड पर लिया जाएगा। इस प्रकरण की बिंदुवार जांच कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। केरल पुलिस के यहां आने की जानकारी नहीं है। इस बारे में केरल पुलिस की ओर से कोई पत्राचार भी नहीं किया गया था।
