उदी। मनरेगा योजना के तहत किए गए 1.41 लाख रुपये के फर्जीवाड़े के मामले में प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक से रिकवरी की जाएगी। इसका आदेश बीडीओ ने जारी कर दिए हैं।

बढ़पुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत वीधूपुरा के चंद्र प्रकाश ने एक नवंबर 2023 में आईजीआरएस सहित डीएम और सीडीओ से ग्राम पंचायत में फर्जीवाड़ा की शिकायत की थी। सीडीओ ने जांच बसरेहर के बीडीओ और भरथना के अवर अभियंता ने की। जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत वर्ष 2020-21 में एक व्यक्ति शिवसेवक सिंह की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी सिया दुलारी के जॉब कार्ड पर नियम विरुद्ध 45 दिन का भुगतान किया गया। किसान हरि मोहन के खेत समतलीकरण नियम विरुद्ध होने के बाद भी भुगतान किया गया।

वित्तीय वर्ष 2020-21 में केयर टेकर के नाम से फर्जी तरीके से 12 हजार 884 रुपये की धनराशि की निकासी के अलावा वर्ष 2022-23 में रेखा देवी एवं विजय बहादुर जो कि पति पत्नि हैं। उन्हें अलग-अलग दर्शाकर लाभार्थी परक योजनाओं के तहत एक लाख 16 हजार 210 रुपये की धनराशि की गई। इस तरह मनरेगा के तहत हुए उपरोक्त तीनों कार्यों में एक लाख 41 हजार 131 रुपये फर्जीवाड़ा करके निकालने की बात सही पाई। सीडीओ ने ग्राम प्रधान रेनू दिवाकर ,सचिव सिद्धार्थ गुप्ता व तकनीकी सहायक लक्ष्मीनारायण से धनराशि का हिस्सा बराबर का वसूली करने के आदेश दिए हैं।



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