
Road Accident on Jhansi Kanpur highway
– फोटो : अमर उजाला
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दूल्हा आकाश, उसका बड़ा भाई आशीष और चालक जयकरन मदद के लिए चिल्लाते रहे। कार से निकलने की कोशिश भी की लेकिन डीसीएम कार के पिछले हिस्से पर चढ़ी हुई थी जिससे न तो दरवाजा ही खुल पाया और न ही बाहर आने का कोई रास्ता मिला।
घटनास्थल पर मौजूद दूल्हे के जीजा और उनके साथी ने कार के आग का गोला बनने से पहले अगली सीट पर बैठे रवि और रमेश को किसी तरह बाहर निकाल लिया लेकिन बाकी लोग इस तरह फंसे हुए थे कि उन्हें निकाला नहीं जा सका। यह लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे मगर कोई कुछ कर नहीं पाया।
कुछ ही देर में कार से आग की लपटें उठने लगीं और चीखें भी खामोश होती चलीं गईं। दरअसल करके की बिलायटी गांव से आकाश की बरात कारों से ही रवाना हुई थी। सात कारें बरात में शामिल थीं। सभी रस्में पूरी करने के बाद दूल्हे आकाश की कार सबसे बाद में गांव से निकली थी।
दूल्हे की कार के पीछे-पीछे उसके जीजा राहुल की कार चल रही थी। जब झांसी-कानपुर हाईवे पर पारीछा फ्लाई ओवर पर डीसीएम ने दूल्हे की कार में टक्कर मारी तब सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचने वालों में उसका जीजा राहुल ही था। क्योंकि उनकी कार पीछे ही चल रही थी।
