{“_id”:”66e1eb49a93d4a58f2073ef4″,”slug”:”roads-submerged-in-18-hours-of-rain-yamuna-water-level-rises-orai-news-c-224-1-ka11004-119593-2024-09-12″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: 18 घंटे की बारिश में डूबी सड़कें, यमुना का बढ़ा जलस्तर”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
उरई। जिले में 18 घंटे की झमाझम बारिश से कई सड़के जलमग्न हो गईं। अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, पांच झुलसे हैं। वहीं मकान व दीवार गिरने से तीन लोग घायल हो गए। दो स्थानों पर बिजली उपकेंद्रों पर बिजली गिरने से 13 गांवों की बत्ती गुल हो गई, वहीं दो जगह ट्रांसफार्मर फुंकने से 400 घरों में अंधेरा रहा। बारिश के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्रों के बाशिंदों की परेशानी बढ़ा दी हैं।
रात में हुई बारिश से शहर के साथ आसपास क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले। कई जगह पर पानी सड़कों के कई मीटर ऊपर बह रहा है। सबसे ज्यादा स्थिति ग्रामीण क्षेत्र की है। कच्ची सड़क होने से दलदल से लोग निकल रहे हैं। कई गांव में पानी ने लोगों को घरों में कैद कर दिया। मंगलवार की रात जमकर बारिश हुई। शहर की सड़कों पर पानी का तेज बहाव देखने को मिला। रात में बिजली गिरने से कई लोगों की मौत भी हो गई है। वहीं कई घर पर ध्वस्त हो गए हैं। करीब 18 घंटे की बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बुधवार को भी सुबह से लेकर शाम तक रिमझिम बारिश होती रही। जिससे कामों पर भी प्रभाव पड़ा। सरकारी कार्यालयों के बाहर भी जलभराव देखने को मिला। मेडिकल कॉलेज में सड़क पर पानी बहने से मरीजों को परेशानी हुई। उन्हें लंबा चक्कर लगाने पड़ा। वहीं बीएसए कार्यालय के आसापास पानी भर गया, जिससे लोग गुजरे। कई मोहल्लों में खाली प्लाट में पानी भर गया। नाली उफान पर आ गईं।
यमुना का जलस्तर बढ़ा, चार गांव संपर्क टूटा
कालपी। डेढ़ महीने से यमुना का बढ़ता घटता जलस्तर लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। फिर से जलस्तर बढ़ने से यमुना किनारे क्षेत्र के ग्रामीण फिर से डर के साए में जी रहे हैं। दो दिन से प्रतिघंटे के हिसाब से करीब चार से पांच मीटर पानी में वृद्धि हो रही है। बुधवार को यमुना का जलस्तर 102.44 सेंटीमीटर पर दर्ज किया गया। यमुना का जल स्तर बढ़ने से मंगरोल में बने हुए नून नदी के रपटे के ऊपर पानी चलने लगा है। जिससे तहसील मुख्यालय आने जाने वाले चार ग्रामों का संपर्क टूट गया है। किसानों को भारी नुकसान का सामना उठाना पड़ रहा है। वहीं जल आयोग के केंद्र प्रभारी रुपेश ने ने बताया कि ऊपरी हिस्से में बारिश अधिक होने के कारण यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। अगर इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो बाढ़ की संभावना बन सकती है। एसडीएम सुशील कुमार सिंह ने सभी ग्रामों की बाढ़ राहत चौकियों में सभी कर्मचारियों को हाई अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
सड़क से तीन फीट ऊंचाई से बह रहा बारिश का पानी
आटा। तहसील कालपी के परासन के जंगलो मे बसा मजरा कुइयाझोर डेरा गांव की आबादी चार सौ के करीब है। कालपी- चंडौत मार्ग से जुड़ी तीन किलोमीटर कच्ची रास्ते से जंगलों का पानी तीन फीट ऊंचा बह रहा है। जंगल मे बने दो नाले क्षतिग्रस्त से जिससे खेतों का पानी नालों की ऊपर से बहने लगा है। कुइया झोर के ग्रामीणों का जनजीवन अस्त व्यस्त है। ओमनारायण, सुखलाल, कुंदन सिंह, फूल सिंह, रामकिशोर, हरिशंकर, बाल किशोर ने बताया कि गांव के लिए आवागमन करने वाला मुख्य मार्ग से बारिश का पानी तीन फीट ऊंचाई से बह रहा है। गांव में आना जाना बंद है।
गांव की सड़कों पर बह रहा पानी
सरावन। ग्राम पंचायत सरावन के मजरा बदनपुरा में बारिश से हालत बेहत खराब हो गए हैं। ग्रामीण घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। मजिस्द के आसपास पानी भर गया। जिससे निकलना दुश्वार है। ग्रामीण हैदर, जमील, बाबू, अकील, नूर, अलीम ने बताया कि पानी का निकास नहीं है। जिससे जलभराव की समस्या हो रही है।
खेतों में पानी भरने से किसानों का हुआ नुकसान
जालौन। मंगलवार को रूक रूककर बारिश होती रही। लेकिन रात में मौसम ने एक बार फिर करवट ली और रात से बारिश नहीं थमी। बुधवार को भी पूरे दिन कभी तेज तो कभी धीमी बारिश का सिलसिला चलता रहा। जहां खेतों में भी पानी भरा नजर आ रहा है तो दूसरी ओर गलियों में भी बारिश का पानी और कीचड़ नजर आ रहा है। जिन गांवों में गालियां कच्ची थी वहां कीचड़ ही कीचड़ नजर आ रहा था। सहाव, सदूपुरा आदि गांव में सीसी रोड नहीं डाली गई है। ऐसे में इन गांवों की गलियों में भी कीचड़ पसरा नजर आ रहा है।
बिजली गिरने से चरवाहे की मौत, दो झुलसे
सिरसाकलार। बिजली गिरने से ईगुई में एक चरवाहे की मौत हो गई। दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
थाना क्षेत्र के ईंगुई गांव निवासी सोनू श्रीवास्तव (28) बुधवार को भैंस चराने गया था। तभी बिजली गिरने से वह झुलस गया। उसे अस्पताल में मृत घोषित कर दिया। पिता राम शंकर ने मामले की सूचना पुलिस को दी। वहीं क्षेत्र के लहर कनार निवासी सुरेंद्र सिंह यादव व रामराज गांव के बाहर मवेशी चराने गए थे। तभी बिजली गिर गई। वह उसकी चपेट में आने से झुलस गए। इसी तरह दमरास गांव में हाकिम सिंह भदोरिया अपनी भैंस चराने गए थे, तभी उनकी भैंस के ऊपर बिजली गिर गई, इससे वह मर गई।
दीवार गिरी, पड़ोसी महिला व उसके दो बेटे दबकर घायल
अधिकारी मौके पर, ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
कोतवाली क्षेत्र के अंडा का मामला, मां और छोटा बेटा जिला अस्पताल रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
कोंच। बारिश से गांव में बुधवार की सुबह एक कच्चे घर की दीवार ढहकर पड़ोसी के घर पर लगे टिन शेड पर गिर गई। जिसके नीचे महिला व उसके दो बेटे दबकर घायल हो गए।
कोतवाली क्षेत्र के गांव अंडा में ऊंचे स्थान पर दयाल वर्मा का घर बना है, नीचे में उसके पड़ोसी गजराज का घर है। बुधवार की सुबह आठ बजे दयाल वर्मा के घर की कच्ची दीवार ढहकर नीचे बने गजराज के घर के उस हिस्से पर गिरी जहां टिन शेड पड़ी थी। दीवार गिरने से टिन शेड के नीचे पालतू जानवरों को दाना पानी डाल रही गजराज की पत्नी रानी (38) तथा उसके दो बेटे देव (15) व दीपक (13) टिन शेड के नीचे दब गए। सूचना पर सीओ अर्चना सिंह, तहसीलदार वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता, नायब तहसीलदार सुधीर कुमार सिंह, कोतवाल अरुण कुमार राय भी दल-बल के साथ पहुंच गए थे।
