
साकार हरि बाबा
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उत्तर प्रदेश के एटा में सूरजपाल उर्फ साकार हरि की ससुराल है। वह भोले बाबा बने तो ससुरालीजन उनके भक्त हो गए। रिश्तेदारी नाम की रह गई। शुरुआती दौर में तो ससुराल आए और सत्संग भी किए। बाद में प्रसिद्धि मिलने पर आना-जाना बंद कर दिया। पटियाली के बहादुरनगर गांव में ही ये लोग पहुंचते तो औपचारिक मुलाकात हो जाती थी।
जैथरा क्षेत्र के गुहटिया गांव निवासी हरपाल सिंह की दो पुत्री और एक पुत्र हैं। एक पुत्री प्रेमवती से सूरजपाल की शादी 1968 में हुई थी। उस समय सूरजपाल कक्षा छह और प्रेमवती कक्षा पांच में पढ़ती थीं। शादी के बाद सूरजपाल की पढ़ाई जारी रही, जबकि प्रेमवती गृहणी हो गईं। प्रेमवती के भाई मेवाराम बताते हैं कि शादी के बाद सूरजपाल का आना-जाना था। बाद में उनकी नौकरी लग गई। कई साल नौकरी करने के बाद सेवानिवृत्ति लेकर वह सत्संग करने लगे।
