संभल में रविवार को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान चंद मिनट में ही चार रास्तों से आई भीड़ मस्जिद के बाहर जुट गई थी। इसके अलावा छतों पर महिलाएं थीं। जब बवाल शुरू हुआ तो सड़क पर युवा और नाबालिग व छतों से महिलाओं ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट चलाकर बवाल को नियंत्रित किया। फिर कार्रवाई भी शुरू कर दी। इस मामले में पुलिस ने सात मुकदमे दर्ज कराए हैं।
तीन महिला, तीन नाबालिग समेत 27 गिरफ्तार
रविवार रात से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। सोमवार तक तीन महिलाओं और तीन नाबालिगों समेत 27 आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ एक दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। पुलिस इन लोगों से पूछताछ कर अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। सोमवार को पुलिस टीमों ने उन घरों की सूची तैयार की है। साथ ही घरों से भागे लोगों के रिश्तेदारों की जानकारी जुटाकर वहां भी दबिश दी जा रही है। सोमवार देर रात तक पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश देती रहीं। पुलिस की टीमें हिरासत में लिए गए लोगों को फोटो दिखाकर पथराव करने वालों की पहचान कराने में जुटी हैं।
देर रात पहुंचे एडीजी, मंडल भर के अधिकारियों के साथ की बैठक
बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा सोमवार देर रात संभल पहुंच गए और उन्होंने मंडल भर के अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने आगे की रणनीति भी बनाई है। संभल में सीएए बवाल के दौरान एडीजी रमित शर्मा मुरादाबाद के आईजी थे। तब उन्होंने 15 दिन तक संभल में रहकर बवाल को शांत कराया था। मीटिंग में उन्होंने अफसरों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उन्हें बताया कि बवाल को कैसे शांत कराना है। उन्होंने डीआईजी मुनिराज जी और एसपी संभल के साथ ही अन्य अधिकारियों से भी अब तक की कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है। मंडल के अन्य जनपदों के पुलिस अधिकारी भी संभल पहुंच चुके हैं।
अफसरों ने फोर्स संग संभल में पैदल मार्च
शहर पूरी तरह शांत है, लेकिन पुलिस अधिकारी फोर्स संग सड़कों पर गश्त कर रहे हैं। देर रात पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के साथ पैदल मार्च किया। उन्होंने इस दौरान लोगों से अपील भी की वह किसी अफवाह पर ध्यान न दें।





