पोर्टल पर लॉगिन करके जानकारी कर सकते हैं अपडेट, 21 मई तक चलेगा अभियान

संवाद न्यूज़ एजेंसी

इटावा। केंद्र सरकार ने जनगणना की पारंपरिक पद्धति में बड़ा बदलाव किया है। अब नागरिक अपने मोबाइल या लैपटॉप से घर बैठे अपनी और परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। जिले में सात मई से 21 मई तक स्व-जनगणना कराई जाएगी। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक मकान गणना का कार्य होगा।

इस नई सुविधा का मुख्य उद्देश्य सही जानकारी जुटाना और लोगों का समय बचाना है। स्व-जनगणना के लिए आधिकारिक वेब पोर्टल censusindia.gov.in पर लॉगिन करना होगा। यहां स्व-जनगणना का विकल्प चुनकर मोबाइल नंबर पंजीकृत करें। पंजीकरण के बाद ओटीपी दर्ज कर लॉगिन करें। परिवार के मुखिया का विवरण जैसे नाम, आयु, पता और सदस्यों की संख्या भरें। इसके बाद लगभग 30-31 प्रश्नों वाली डिजिटल प्रश्नावली भरनी होगी। इसमें आवास की स्थिति, पेयजल, बिजली के स्रोत, शिक्षा का स्तर और रोजगार की स्थिति जैसी जानकारी शामिल होगी। सभी जानकारी भरने के बाद एक 15 अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर मिलेगा, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है।

कर्मियों का प्रशिक्षण और प्रक्रिया

जनगणना कार्य के लिए 20 अप्रैल से 29 अप्रैल तक प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। करीब चार हजार कर्मियों को 10 केंद्रों पर यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्व-जनगणना करने का यह मतलब नहीं है कि अधिकारी आपके घर नहीं आएंगे। प्रगणक सत्यापन के लिए आपके घर आएंगे। आपको उन्हें अपना 15 अंकों का रेफरेंस नंबर दिखाना होगा। यदि परिवार में कोई नया सदस्य जुड़ा है या कोई बदलाव हुआ है, तो अधिकारी उसे उसी समय अपडेट कर देंगे।

स्व-जनगणना के मुख्य लाभ

स्व-जनगणना से नागरिकों के समय की बचत होगी। उन्हें अधिकारियों के साथ घंटों बैठने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह प्रक्रिया नागरिकों को अपनी जानकारी निजी तौर पर भरने की सुविधा देती है, जिससे गोपनीयता बनी रहती है। जानकारी स्वयं भरने के कारण त्रुटियों की संभावना भी कम होती है। नागरिक अपनी सुविधानुसार किसी भी समय, नियत अवधि के भीतर, फॉर्म भर सकते हैं।

डिजिटल सिंक और सटीकता

जनगणना के लिए आने वाले कर्मी जब आपका रेफरेंस नंबर अपने डिवाइस में डालेंगे, तो आपकी भरी हुई जानकारी उनके डेटाबेस से सिंक हो जाएगी। इससे आपको दोबारा लंबी पूछताछ से नहीं गुजरना पड़ेगा। यह प्रणाली डेटा की सटीकता सुनिश्चित करती है। सरकार का लक्ष्य है कि इस नई पद्धति से जनगणना का कार्य अधिक प्रभावी और त्रुटिरहित हो। यह नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

वर्जन

सात मई से स्व-जनगणना शुरू की जा रही है। स्व-जनगणना का मुख्य उद्देश्य परिवार का तथ्यपरक लेखाजोखा और लोगों का समय बचाना है।इसके लिए कर्मियों को भी 20 अप्रैल से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षित कर्मी घर जाकर वेब-पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी का सत्यापन करेंगे और किसी भी प्रकार की खामी को दुरुस्त करेंगे। – शुभ्रांत कुमार शुक्ल, जिलाधिकारी



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