संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। अंधविश्वास के चलते पिछले कई सालों से दीपावली पर्व पर उल्लू की बलि चढ़ाए जाने के कई मामले उजागर हुए हैं। इसे लेकर वन विभाग के अफसरों ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उल्लुओं की निगरानी बढ़ा दी है। इसके तहत वन विभाग की सात टीमों का गठन करते हुए जंगलों में उल्लुओं की निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
दीपावली पर्व पर तांत्रिकों द्वारा उल्लू की बलि चढ़ाई जाती है। जिसके चलते तस्कर भी पूरी तरह से सक्रिय हो जाते हैं। पर्व नजदीक आते ही मांग अधिक होने के कारण तस्करों द्वारा जिले भर से उल्लुओं का शिकार किया जाता है। उल्लुओं के वजन, आकार, रंग, नाखून व पंखों के आधार पर कीमत तय की जाती है। कीमत तय होते ही तांत्रिकों द्वारा सौदा कर खरीद लिया जाता है। जिसको तांत्रिकाें द्वारा अधिक कीमतों में बेचा जाता है। वन विभाग के अधिकारियों ने जिले के झांसी, बबीना, चिरगांव, मोंठ, गुरसराय, मऊरानीपुर व बामौर सहित सातों रेंज में वन रक्षकों की तैनाती कर दी गई है। प्रभागीय वन अधिकारी जेबी शेंडे ने बताया कि दीपावली पर्व पर उल्लुओं की बलि देने की आशंका के चलते जिले की सातों रेंजों में निगरानी करने का आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही संभावित स्थानों पर वन कर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
