उरई/मुहम्मदाबाद। मई की तपती दोपहर में आसमान से आग बरस रही है। जिले में गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे दिनभर गर्म हवाओं और लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल किए रखा। दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा नजर आया। जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकले और अधिकांश लोग चेहरे को कपड़े से ढककर निकलते दिखाई दिए।
भीषण गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल समेत निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में उल्टी, दस्त, चक्कर और डी-हाइड्रेशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग गर्मी की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने से डॉक्टरों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
डकोर सीएचसी अधीक्षक डॉ. इदरीश का कहना है कि तेज धूप और शरीर में पानी की कमी के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। चिकित्सकों ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, अधिक मात्रा में पानी पीने और हल्का भोजन करने की सलाह दी है।
दोपहर में गर्म हवा के थपेड़ों के चलते शहर के प्रमुख बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ दिखाई दी। चौराहों और सड़कों पर आवाजाही कम रही। स्वास्थ्य विभाग भी लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी कर चुका है।
