
आगरा की बिचपुरी तहसील किरावली क्षेत्र के गांव कुकथला के किसान बागवानी खेती करते हैं। गांव में करीब 300 बीघा में बागवानी खेती होती है। बुधवार रात को आई आंधी के बाद जामुन और आम के 40 से अधिक पेड टूटकर गिर गए। इससे किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।
कुकथला गांव के पूर्व प्रधान रामखिलाडी कुशवाह ने बताया है कि आंधी के कारण जामुन के 40 पेड टूट गए हैं। जिनमें दस पेड जड से उखड गए हैं। वहीं आम के पेड़ों से अचारू आम जमीन पर गिर गए हैं। वहीं किसान मूलचंद पु्त्र खजान सिंह ने बताया है कि उसने जमीन किराए पर लेकर फालसा, जामुन और आम की खेती है। आंधी के कारण जामुन के तीन पेड टूटकर गिर गए। वहीं एक कुंतल अचारू आम पेड से टूटकर नीचे गिर गया। साथ ही फालसा सड़ गया है। टुंडाराम ने कहा कि आम के तथा जामुन के 20 पेड़ों की डालिया टूट गई हैं। इससे किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। हैरानी की बात यह है कि बृहस्पतिवार को कोई भी राजस्व कर्मचारी गांव में नुकसान का आंकलन करने के लिए नहीं पहुंचा। वहीं किसान नेता चौधरी दिलीप ने पीडित किसानों से मिलकर नुकसान का जायजा लिया साथ ही मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। उप जिलाधिकारी किरावली नीलम तिवारी ने बताया है कि राजस्व टीम को गांव में भेजकर नुकसान का आंकलन कराया जाएगा।
करीब चार गुना गिरा अचारू आम का भाव
किसान मूलचंद ने बताया कि आंधी से पहले अचारू आम 30 रुपए किलो बिक रहा था। बुधवार को आई आंधी के बाद आम का भाव करीब चार गुना गिर गया। मूलचंद ने बताया कि आंधी के बाद जमीन पर नीचे गिरे अचारू आम को लेकर वे किरावली मंडी में पहुंचे। जहां पर आम आठ रुपए किलो बिका। वहीं फालसा 80—100 रुपए किलो बिक रहा था। आंधी के बाद 30—40 रुपए किलो बिका है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
