{“_id”:”66ba65c636d16f24290be394″,”slug”:”strike-in-protest-against-cruelty-to-junior-doctor-orai-news-c-224-1-ka11004-118411-2024-08-13″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: जूनियर डॉक्टर से दरिंदगी के विरोध में की हड़ताल”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}

उरई। कोलकाता में जूनियर डॉक्टर से दरिंदगी के बाद की गई हत्या के विरोध में रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के बैनर तले रेजीडेंट चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर वी वांट जस्टिस के नारे लगाकर प्रदर्शन कर हड़ताल किया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को ज्ञापन भी दिया। रेजीडेंट चिकित्सकों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं भी आंशिक रूप से प्रभावित रहीं।

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रेजीडेंट चिकित्सकों की हड़ताल के कारण कई सेवाएं प्रभावित रहीं। रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार एवं डॉ. रेनू कुमारी ने कहा कि यह घटना निंदनीय है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाने की जरूरत है। आज चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर स्वास्थ्य सेवाओं का बहिष्कार किया। यदि राष्ट्रीय स्तर पर संगठन के पदाधिकारियों ने आगे भी आंदोलन की बात कही तो आगे भी आंदोलन जारी रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि हम लोग लगातार सेवाएं देते है लेकिन फिर भी हम सुरक्षित नहीं है। इस दौरान डॉ. रामेंद्र पचौरी, डॉ. मुकेश, डॉ. युसुफ, डॉ. संगीता वर्मा, डॉ. हितेश, डॉ. अमल, डॉ. शगुन मिश्रा, डॉ. रितिका जैन, डॉ. ईश्वर जायसवाल, डॉ. सुमेधा विश्नोई, डॉ. अरुण चौधरी, डॉ. काजल, डॉ. मयंकर पांडेय, डॉ. राहुल कुमार आदि मौजूद रहे।

कॉलेज कैंपस में ऐसी घटना निंदनीय

डॉ.स्नेहा अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी करते हुए हत्या की गई है। उससे चिकित्सकों में भय के साथ आक्रोश है। कॉलेज कैंपस में इस तरह की घटना ने हमारी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा किया है। इसकी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

फोटो-5-अरबाब। संवाद

डॉ. अरबाब ने कहा कि कॉलेज कैंपस में चिकित्सकों के साथ मारपीट की घटनाएं हो रही है। हम लोग समाज के लिए दिन रात काम करते है लेकिन हमारी सुरक्षा ही खतरे में है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इस बारे में सबको सोचने की जरूरत है।

वर्जन

रेजीडेंट चिकित्सकों की हड़ताल के कारण थोड़ी समस्या हुई है। लेकिन सीनियर चिकित्सक और ईएमओ आदि की मदद से सेवाएं सुचारू रखी गईं। हड़ताल में शामिल चिकित्सकों से कहा गया है कि इस मामले में सरकार उचित कदम उठा रही है, वह काम करें। -डॉ. अरविंद त्रिवेदी, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज



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