Students were explained day and night through the position of the sun


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लखनऊ। लखनऊ विवि में शुक्रवार को यंत्रों के माध्यम से अक्षांश और पलभा का प्रत्यक्ष ज्ञान कार्यक्रम हुआ। ज्योतिर्विज्ञान विभाग के डाॅ. अनिल कुमार पोरवाल ने याम्योत्तर भित्तीय तुरीय यंत्र, सम्राट पलभा और शब्कु यंत्रों के माध्यम से छात्रों को प्रत्यक्ष रूप से सूर्य की स्थिति से मध्याह्न काल के बारे में समझाया। बताया कि 21 मार्च को लखनऊ में 12 बजकर 13 मिनट 37 सेकंड पर ठीक दोपहर होती है। इसे यंत्रों की परछाई से प्रमाणित करके दिखाया। इसी दिन उत्तर गोल शुरू होता है और दिन व रात 12 घंटे के होते हैं।

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