सेवानिव़ृत्ति के 16 साल बाद मेजर से लेफ्टिनेंट कर्नल बने सुरेश चंद्र यादव
– सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने जारी किया भारत का राज पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। शहर के मोहल्ला राजा का बाग निवासी सेवानिवृत्त मेजर सुरेश चंद्र यादव सेवानिवृत्ति के 16 साल बाद लेफ्टिनेंट कर्नल बन गए हैं। अब उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल की सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भारत सरकार ने राजपत्र जारी कर दिया है।
शहर के मोहल्ला राजा का बाग निवासी सुरेश चंद्र यादव वर्ष 2008 में मेजर के पद से सेना से सेवानिवृत्त हो गए थे। तकनीकी समस्या के चलते उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल की पदोन्नति नहीं मिल सकी थी। मामले को लेकर उनके द्वारा वर्ष 2011 में भारतीय शस्त्र सेना प्राधिकरण में वाद दायर किया गया था। वर्ष 2013 में यह वाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2023 में मेजर सुरेश चंद्र सहित उनके 204 साथियों को लेफ्टिनेंट कर्नल पर पदोन्नति के आदेश दिए। 5 अक्तूबर 2024 को भारत सरकार का राजपत्र जारी कर दिया गया। इसमें मेजर सुरेश चंद्र सहित देश भर के 204 सैनिकों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है।
मेजर सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि भारतीय सेना द्वारा अजय विक्रम सिंह की कमेटी की अनुशंसा के अनुसार लेफ्टिनेंट कर्नल का मानक पूरा करने वाले सैनिकों की पदोन्नति के आदेश दिए थे। भारतीय सेना ने वर्ष 2004 में इसे लागू भी कर दिया। लेकिन तकनीकी गलती के कारण 204 लोगों को इसका लाभ नहीं मिल सका था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 5 अक्तूबर 2024 को भारत सरकार ने राजपत्र जारी कर दिया। राजपत्र के अनुसार भारतीय सेना से उन्हें सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट की सभी सुविधाएं पेंशन, भत्ते आदि मिल सकेंगे। सुरेश चंद्र यादव पूर्व में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
