अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। गरौठा विधायक जवाहर राजपूत ने बीएसए से उनके कार्यकाल का 10 बिंदुओं पर लेखा-जोखा मांगा था। एक सप्ताह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी जवाब नहीं मिलने पर विधायक ने अपर मुख्य सचिव को पत्र लिख दिया है। उन्होंने सभी बिंदुओं पर जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
विधायक ने 23 जुलाई को बीएसए को लिख पत्र में पूछा था कि जनपद में जिन-जिन शिक्षकों का मासिक वेतन रोका गया और बाद में जारी किया गया, उनकी सूची उपलब्ध कराएं। सूची में शिक्षक का नाम, विद्यालय, विकासखंड का नाम और वेतन रोकने और जारी करने की तारीख भी बताएं। बीएसए के कार्यकाल में जिन-जिन शिक्षकों की अस्थायी रूप से वेतनवृद्धि रोकी और जारी की गईं, उनकी सूची भी मांगी है। इसमें शिक्षक का नाम, विद्यालय, विकासखंड का नाम और वेतन वृद्धि रोकने व जारी करने की तिथि भी पूछी है। कंपोजिट स्कूल कुम्हरार, मोंठ की भूमि प्रकरण की जांच में शासन को हुई राजस्व की क्षतिपूर्ति कराने का आदेश जारी हुआ था। इस प्रकरण के बारे में पत्रावली सहित जानकारी मांगी है।
गरौठा विधायक ने ये भी पूछा कि बीएसए कार्यालय में जिन-जिन शिक्षकों को अन्य विकास खंडों से बड़ागांव और बबीना में निलंबन के बाद बहाल किया गया है, उनके आरोप पत्र, जांच आख्या और बहाली आदेश भी मांगा है। ये भी पूछा है जनपद में कौन खंड शिक्षा अधिकारी किस विकास खंड में कब से कार्यरत है। अब विधायक ने अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि बीएसए से उन्हें सूचनाएं अब तक नहीं मिली हैं। इन बिंदुओं से संबंधित विषयों पर शासन स्तर से जांच कराकर कार्रवाई की जाए। वहीं, बीएसए विपुल शिव सागर का कहना है कि पत्र में जिन बिंदुओं पर सूचना मांगी गई है, वो काफी विस्तृत है। ऐसे में सूचना बनाने में समय लग रहा है। जैसे ही सूचना बन जाएगी, वैसे ही उपलब्ध करा दी जाएगी।
