अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पोस्टमॉर्टम हाउस में एक अजीब मामला सामने आया। बड़ागांव निवासी एक मृतक के परिजन यहां से अज्ञात युवक का शव ले गए। दाह संस्कार के लिए शव के चेहरे से कपड़ा हटाने पर उन्हें इसकी जानकारी हुई। इसके बाद वह शव वापस लेकर वापस पोस्टमॉर्टम हाउस भागे। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को उनका शव सौंप दिया गया।
बड़ागांव थाने के ग्राम रिछौरा निवासी नारायण (52) की मंगलवार को करंट लगने से मौत हो गई थी। पुलिस ने उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया था। परिजन शव को मोर्चरी में रखकर वापस चले गए थे। बुधवार को वह शव लेने पहुंचे और पोस्टमॉर्टम हाउस में कपड़े में लिपटा हुआ शव लेकर चले गए। गांव पहुंचने पर दाह संस्कार की प्रक्रिया शुरू होने पर शव के चेहरे से कपड़ा हटाया गया। तब उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ।
शव 25 वर्षीय अज्ञात युवक का था। इस पर सभी युवक के शव को लेकर वापस पोस्टमॉर्टम हाउस भागे। यहां रात में मृतक नारायण के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने बताया कि उनसे पहचानने में गलती हो गई थी।
