– दुबई के शराब आयात में फ्रांस का दबदबा, 2023-24 में 254 मिलियन डॉलर का हुआ कारोबार

– मिस्र, जॉर्डन और मोरक्को में भी यूरोपीय शराब की धूम, इटली और फ्रांस बने मुख्य स्रोत

– प्रतिबंधों के बावजूद शराब का अवैध बाजार, पर्यटन और सेवा क्षेत्रों में शराब की उपलब्धता

आगरा। मुस्लिम देशों में शराब की खपत का मुद्दा एक जटिल सामाजिक, धार्मिक और कानूनी पहेली है। इस्लाम धर्म शराब को ‘हराम’ (वर्जित) मानता है, जिसके कारण कई इस्लामिक देशों में शराब प्रतिबंधित हैं। इस्लामिक शरिया कानून के अनुसार, सऊदी अरब, कुवैत, ईरान और अफगानिस्तान में शराब का सेवन, उत्पादन, वितरण और बिक्री सख्त वर्जित है। भले ही सरकारी स्तर पर प्रतिबंध हों, फिर भी इन देशों में शराब की आंतरिक खपत और अवैध बाजार मौजूद हैं। वहीं, मिस्र, मोरक्को, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में पर्यटन क्षेत्रों और होटलों में शराब की उपलब्धता की अनुमति है। इन देशों की अर्थव्यवस्थाओं, विशेषकर पर्यटन और सेवा क्षेत्रों में शराब महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां शराब का व्यापार मुख्य रूप से यूरोपीय देशों पर निर्भर है।

वैश्विक व्यापारिक हब दुबई में शराब का आयात मुख्य रूप से फ्रांस, इटली, स्पेन और जर्मनी से होता है।

2023-24 के आंकड़ों के अनुसार, यूएई की वाइन आयात का 65 फीसदी भाग फ्रांस से हुआ। यह व्यापार लगभग 254 मिलियन अरब डाॅलर के पास रहा। जबकि इटली से वाइन आयात लगभग 37 मिलियन अमेरिकी डाॅलर का रहा। वहीं, दुबई के वाइन आयात में स्पेन की हिस्सेदारी महज 2-3 फीसदी है, जो 2023 में लगभग 8-9 अमेरिकी डाॅलर का रहा। फ्रांस से स्पिरिट का आयात लगभग 162.7 मिलियन डाॅलर का रहा। बता दें कि फ्रांस स्पिरिट का सबसे बड़ा स्रोत देश है। यूएई-इटली के बीच शराब/बीवरेज इम्पोर्ट लगभग 110.6 मिलियन का रहा।

विश्व व्यापार आंकड़ों के अनुसार 2024 में मिस्र में यूनाइटेड किंगडम, बेल्जियम, अमेरिका के मुकाबले फ्रांस, इटली और स्पेन जैसे यूरोपीय देशों से वाइन आयात हुआ। फ्रांस से शैम्पेन/स्पार्कलिंग का निर्यात मिस्र को लगभग 294.86 हजार अमेरिकी डाॅलर के बराबर रहा। मिस्र ने वर्ष 2024 में फ्रांस से लगभग 6.56 मिलियन डाॅलर का बीवरेज, स्पिरिट और सिरका का आयात किया। जार्डन में वाइन का सबसे बड़ा स्रोत इटली है, जहां से 890.02 हजार अमेरिकी डाॅलर मूल्य के तकरीबन 191,404 लीटर शराब का आयात हुआ। मोरक्को ने फ्रांस से लगभग 5.64 मिलियन अमेरिकी डाॅलर के स्पार्कलिंग वाइन आयात किए। जबकि स्पेन से मोरक्को में 0.35 मिलियन अमेरिकी डाॅलर के स्पार्कलिंग वाइन आयात हुए। इसका मतलब यह हुआ इस्लाम बहुल देशों में फ्रांस और इटली वाइन के प्रमुख स्रोत देश हैं जबकि स्पेन का व्यापारिक हिस्सा संक्षिप्त है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *