श्रावस्ती। जनता दर्शन में आने वाले ज्यादातर फरियादी या तो परिवार से व्यथित हैं, या फिर अपने ही पड़ोसी, पटीदार या कब्जेदारों से। इनकी स्थानीय थाने व तहसीलों में सुनवाई नहीं हो रही। ऐसे में उन्हें डीएम व एसपी कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
केस.1- पुलिस कार्यालय में सोमवार एसपी घनश्याम चौरसिया के पास शिकायत लेकर आई भिनगा कोतवाली क्षेत्र के चहलवा निवासी रुकसाना का आरोप था कि ससुरालीजनों ने दहेज में बाइक, टीवी, फ्रिज कूलर व एक लाख रुपये की मांग को लेकर कुछ दिन पूर्व मारपीट कर घर से भगा दिया था। अब पीड़िता का पति तलाक देने की धमकी दे रहा है।
खैरी के पटेल नगर निवासी बालकराम ने पड़ोसियों पर आरोप लगाया कि सभी ने अपने घरों का छज्जा निकाल रखा है, लेकिन पीड़ित को मिले प्रधानमंत्री आवास का छज्जा नहीं निकलने दे रहे हैं।
गिलौला के अमारे भरिया निवासी संगीता यादव ने अपने ससुरालीजनों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने व स्थानीय पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
सोनवा के लक्ष्मण नगर के मजरा शंकरपुर निवासी उदयराज ने विपक्षी पर पैसा मांगने पर जानमाल की धमकी देने का आरोप लगाया।
नेवरिया निवासी बाबादीन ने विपक्षी पर भैंस से धान की फसल चराने व विरोध पर धमकी देने व स्थानीय पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
इस दौरान एसपी के पास कुल 29 मामले आए। जिनके निस्तारण के लिए संबंधितों को निर्देशित किया गया। वहीं कलेक्ट्रेट में डीएम अजय कुमार द्विवेदी से जनता दर्शन में 15 पीड़ितों ने अपनी फरियाद सुनाई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का निराकरण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। संवाद
