Training: Management guru Naveen Rai gave tips to civil service officers, taught them leadership and managemen

Management guru Naveen Rai
– फोटो : अमर उजाला

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उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम), लखनऊ में प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर के लिए लोक प्रबंधन और कनफ्लिक्ट प्रबंधन विषय पर ट्रेनिंग का आयोजन किया गया। यह सत्र प्रांतीय सिविल सेवा के अधिकारियों के 76वां आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम का एक हिस्सा था। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को आईआईएम इंदौर के मैनेजर नवीन कृष्ण राय ने सम्बोधित किया, जिसमें 36 प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर द्वारा प्रतिभाग किया गया।

इस सत्र में प्रशिक्षु अधिकारियों को विभिन्न प्रकार के मनोविज्ञान और प्रबंधन के सिद्धांतों व मॉडलों के माध्यम से लोक प्रबंधन व कॉन्फ़्लिक्ट प्रबंधन के बारे में बताया गया। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए राय ने टीम के लोगों के बेहतर प्रबंधन के लिए सिचुएशनल लीडरशिप सिद्धांत की मदद से उन्हें सलाह दी कि कोई भी एक लीडरशिप स्टाइल सर्वोत्तम नहीं होती है। उन्होंने बताया कि एक प्रभावी लीडर सर्वप्रथम यह विचार करता है कि किसी कार्य को एक विशेष परिस्थिति में पूरा करने के लिए किस प्रकार की लीडरशिप स्टाइल व रणनीति सबसे उपयुक्त होगी। इस तरह वह अपनी लीडरशिप स्टाइल को स्थिति के अनुकूल बदल लेता है। 

लोगों के निर्णय लेने के बारे में बात करते हुए राय ने बताया गया है कि लोग हमेशा तर्कसंगत व्यवहार नहीं करते हैं और वे पूर्वाग्रह रखते हैं। प्रास्पेक्ट सिद्धांत की मदद से प्रतिभागियों को बताया गया कि लोग लाभ और हानि को अलग-अलग महत्व देते हैं। समान मूल्य के लाभ और हानि होने की स्थिति में, कोई भी व्यक्ति उस लाभ से मिलने वाली ख़ुशी को उसी मूल्य के हानि से होने वाली पीड़ा की तुलना में से कम आंकता है। उसे उस पीड़ा का अहसास ज़्यादा होता है। 

कॉन्फ़्लिक्ट प्रबंधन के बारे में बात करते हुए उन्होंने प्रतिभागियों को नेगोशीएशन की विभिन्न शैलियों, चरणों और रणनीतियों के बारे में बताया। नेगोशीएशन के विभिन्न चरणों के बारे में विस्तार से बात करते हुए उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि किसी भी नेगोशीएशन के लिए तैयारी करते समय व्यक्ति को यह बात सोचनी व समझ लेनी चाहिए कि उस नेगोशीएशन के असफल होने की स्थिति में उनके पास दूसरा सबसे अच्छा विकल्प क्या है और उन्हें अपने उस विकल्प से कमतर किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करना चाहिए।



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