{“_id”:”677ee11a9f31f5e7900769c9″,”slug”:”two-secretaries-of-cooperative-societies-suspended-for-black-marketing-of-urea-jhansi-news-c-11-1-jhs1032-470207-2025-01-09″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jhansi News: यूरिया की कालाबाजारी में सहकारी समितियों के दो सचिव निलंबित”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}

अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। यूरिया की कालाबाजारी में सहकारी समितियों के दो सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें से एक समिति का वीडियो वायरल हुआ था, जबकि दूसरी पर खाद का स्टॉक नहीं पाया गया था। दोनों के खिलाफ जांच अधिकारियों को 15 दिन में आरोप पत्र दाखिल करने होंगे।
पिछले दिनों बी पैक्स बरुआसागर का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें बाइक और अन्य वाहनों के जरिये समिति के गोदाम से यूरिया की बोरियों की निकासी होती नजर आ रही थी। इसकी जांच बड़ागांव ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी सहकारिता को सौंपी गई थी। जांच के दौरान बी पैक्स कटरा बरुआसागर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इसमें सामने आया कि छह जनवरी को रात 8:02 से 8:35 बजे के मध्य गोदाम खोलकर तीन छोटे वाहनों और बाइक के जरिये 79 बोरी की यूरिया की निकासी की गई। इसे उर्वरक की कालाबाजारी की श्रेणी में मानते हुए सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विजय प्रकाश वर्मा ने कैडर सचिव सतीश रायकवार को निलंबित कर दिया है। वहीं, मऊरानीपुर तहसील के अपर जिला सहकारी अधिकारी ने पांच जनवरी की दोपहर बी पैक्स रेबन का औचक निरीक्षण किया था। इस दरम्यान समिति के गोदाम में यूरिया का स्टॉक शून्य पाया गया था। जबकि, पीओएस मशीन पर 13.05 मीट्रिक टन यूरिया (290 बोरी) अवशेष दर्शाया गया था। इससे स्पष्ट हुआ कि बगैर पीओएस मशीन के यूरिया का वितरण किया गया। मशीन के जरिये ही उर्वरक का वितरण किया जाना चाहिए था। इस पर समिति की सचिव सुषमा यादव को निलंबित कर दिया गया है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने दोनों मामलों में जांच अधिकारियों को 15 दिन के भीतर आरोप पत्र दाखिल करने के निर्देश जारी किए हैं। इस कार्रवाई से विभागीय अमले में खलबली की स्थिति है।
