– बीएसए ने अनुपस्थित मिलने पर पठगुवां, टौर, बाजना के स्टाफ की भी एक-एक अस्थायी वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। स्कूल समय में अनुपस्थित मिलने समेत कई कमियां सामने आने पर बीएसए ने तीन विद्यालयों के प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने पठगुंवा, टौर और बजाना के प्रधानाध्यापकों की दो अस्थायी वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी है। अनुपस्थित मिले स्टाफ की एक-एक अस्थायी वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक लगाई है।
26 सितंबर को दोपहर 1:50 बजे बीएसए विपुल शिव सागर ने बंगरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय पठगुवां का औचक निरीक्षण किया। विद्यालय के अभिलेखों और विद्यार्थियों के शैक्षणिक सीखने के स्तर में कमियां मिलीं। इसको लेकर चार अक्तूबर को सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया था। प्रधानाध्यापक को निर्देश दिए थे कि निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले स्टाफ का स्पष्टीकरण साक्ष्यों सहित तीन दिन में प्रस्तुत करें। अग्रिम आदेश तक सुबह आठ बजे और विद्यालय बंद होने के समय दोपहर दो बजे सभी स्टाफ अपनी उपस्थिति रोजाना जीपीएस कैमरे के जरिये प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए थे। बिना साक्ष्य और अस्पष्ट स्पष्टीकरण देने पर बीएसए ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक की दो अस्थायी वार्षिक वेतन वृद्धि और सभी स्टाफ की एक अस्थायी वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी बंगरा को शिक्षकों की समय पर शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, 25 सितंबर को सुबह 10:20 बजे बीएसए ने बबीना में प्राथमिक विद्यालय टौर का निरीक्षण किया था। यहां भी उन्हें कई कमियां मिली थीं। स्टाफ भी अनुपस्थित मिला था। लापरवाही बरतने वाले सभी स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा था। संतोषजनक जवाब न देने, शिक्षण कार्य के गुणोत्तर विकास को बढ़ावा देने में रुचि न लेने पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक की दो अस्थायी वार्षिक वेतन वृद्धि और सभी स्टाफ की एक अस्थायी वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई है। बबीना के उच्च प्राथमिक विद्यालय बाजना में भी 25 सितंबर को सुबह 10:50 बजे बीएसए ने निरीक्षण किया था। यहां भी स्टाफ अनुपस्थित और कई कमियां मिली थीं। इस पर जवाब मांगा गया था। संतोषजनक जवाब न मिलने पर बीएसए ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक की दो अस्थायी वार्षिक वेतन वृद्धि और सभी स्टाफ की एक अस्थायी वेतन वृद्धि रोकी गई है। इसके अलावा बीएसए ने बामौर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुरैठा का बीएसए ने 27 सितंबर को सुबह 7:55 बजे औचक निरीक्षण किया था।
कुरैठा का तीन बार किया निरीक्षण
उच्च प्राथमिक विद्यालय कुरैठा का 11 सितंबर को भी औचक निरीक्षण किया था, तब विद्यालय बंद मिला। तब प्रधानाध्यापक ने अपने स्पष्टीकरण में तेज बारिश का हवाला दिया था। 27 सितंबर को फिर बीएसए ने सुबह 7:58 बजे विद्यालय का निरीक्षण किया। उस समय सिर्फ इंचार्ज प्रधानाध्यापक उपस्थित मिले। एक भी विद्यार्थी स्कूल में नहीं मिला। लौटते समय सुबह 9:30 बजे फिर बीएसए स्कूल पहुंचे तो विद्यालय में कार्यरत सभी कर्मियों के उपस्थिति रजिस्टर में सुबह आठ बजे के हस्ताक्षर मिले। सहायक अध्यापक चंद्रभान सिंह ने तो सुबह 7:50 बजे उपस्थिति दर्ज की। बीएसए ने सभी स्टाफ का अनुपस्थित दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। अनुपस्थित सभी स्टाफ से तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
