उरई नगर पालिका में वित्तीय अनियमितताओं की जांच को लेकर कई दिनों से चल रहा प्रशासनिक विवाद आखिरकार थमता नजर आ रहा है। एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही ने एडीएम (नमामि गंगे) एवं जांच समिति के अध्यक्ष का पत्र मिलने के बाद साफ कर दिया है कि अब वह इस जांच को आगे नहीं बढ़ाएंगे। उन्होंने पत्र को अपने फेसबुक पेज पर साझा करते हुए लिखा कि उन्हें जिलाधिकारी से मार्गदर्शन की अपेक्षा थी, लेकिन उन्हें विश्वास है कि एडीएम की ओर से जारी पत्र डीएम की संस्तुति पर ही जारी किया गया होगा।
दरअसल, नगर पालिका में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों की जांच के लिए जिलााधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने 10 जुलाई को तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति में एडीएम (नमामि गंगे) प्रेमचंद्र मौर्य को अध्यक्ष, तत्कालीन एसडीएम जालौन रिंकू सिंह राही और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अमित सक्सेना को सदस्य बनाया गया था। इसी बीच रिंकू सिंह राही का स्थानांतरण एसडीएम न्यायिक उरई के पद पर हो गया।
