पश्चिम एशिया में चल रही जंग का असर कोल्ड स्टोर पर भी पड़ने लगा है। उन्हें अमोनिया की किल्लत से जूझना तो नहीं पड़ रहा है, लेकिन पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुने मूल्य पर खरीदनी पड़ रही है। इससे भंडारित आलू को सुरक्षित रखने के लिए अधिक खर्च करना पड़ रहा है।

जिले में 327 शीतगृह संचालित हैं। एक शीतगृह को पूरे सीजन के लिए औसतन 1़ 5 से दो टन अमोनिया गैस की आवश्यकता पड़ती है। इसकी आपूर्ति गैस कंपनी के एजेंटों के माध्यम से होती है। उन्हें फरवरी से अप्रैल तक अधिक जरूरत होती है। वैसे तो अधिकतर कोल्ड स्टोर फरवरी में मशीनों की मरम्मत के समय ही चैंबर को अमोनिया से भर लेते हैं।

इस बार इन्हें गैस 300 रुपये तक के भाव में मार्च के महीने में खरीदनी पड़ी। अब भी 100 से 130 रुपये प्रति किलो तक के भाव में मिल रही है। यह पिछले वर्ष तक 60 से 80 रुपये प्रति किलो तक रहती थी। आगरा कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल ने बताया कि मार्च के महीने में सबसे ज्यादा दिक्कत आई थी। अधिकृत एजेंट 300 रुपये किलो तक में बेच रहे थे। 

कई कोल्ड स्टोरेज को समय से गैस नहीं मिली लेकिन अब कोई कमी नहीं है। बस इतना है कि 60 से 80 रुपये में मिलने वाली गैस अभी भी 100 से 130 रुपये में मिल रही है। प्रभात इंटरप्राइजेज डीलर उज्ज्वल गुप्ता ने बताया कि अमोनिया की कोई कमी नहीं है। पिछले साल से बस महंगी मिल रही है। वर्तमान में कीमतें पिछले साल के मुकाबले दोगुनी है। मार्च में समस्या आई थी, जिसे सरकार ने जल्द खत्म करा दिया।

 



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