आगरा के शाहगंज के नगला पोप में मां के गहनों के लिए बहन की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी रवि कुशवाहा को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। वह चित्रकूट में मंदिर के बाहर बाबा बनकर रह रहा था। राजस्थान में रहने वाले अपने गुरु के संपर्क में था। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
घटना 4 फरवरी की रात की है। नगला पोप निवासी अनीता कुशवाहा को घर में ही गोली मारी गई थी। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि बहन की हत्या के लिए गोबर चाैकी, ताजगंज निवासी रवि कुशवाहा(मृतका का भाई) अपने साथी अभय उर्फ काके के साथ पहुंचा था। वर्ष 2022 में रवि ने डाैकी स्थित अपनी ससुराल में बम फेंका था। पुलिस ने उसे हत्या की कोशिश और विस्फोटक अधिनियम में जेल भेजा था। उसकी बहन अनीता ने किसी तरह रुपयों का इंतजाम कर उसकी जमानत कराई थी।
जेल से बाहर आने के बाद रवि अनीता से मां के दिए गहनों की मांग कर रहा था। बहन कहती थी कि उसके पास गहने नहीं हैं। उन्हें गिरवी रखकर ही जमानत कराई थी। मगर वो इसे मानने के लिए तैयार नहीं हुआ। हत्या से पहले भी झगड़ा किया था। बहन पर हथाैड़े से प्रहार किया था। पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी थी। तब से बहन ने उसे घर आने से मना कर दिया था।
गुरु की मदद से आरोपी तक पहुंची पुलिस
डीसीपी सिटी ने बताया कि आरोपी के पास मोबाइल नहीं था। वह जेल में रहकर आया था। उसे पता था कि मोबाइल से पकड़ा जा सकता है। इसलिए उसने अपना मोबाइल फेंक दिया। वह राजस्थान निवासी अपने गुरु को बहुत मानता था। मन की शांति के लिए उनके पास जाता था। पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल निकाली। इसमें गुरु का नंबर मिला। पुलिस ने उनसे बात की। रवि ने भागने के बाद गुरु को अलग-अलग नंबर से काॅल किए। राहगीरों से मोबाइल मांगकर फोन करता था।
पुलिस को उसकी चित्रकूट की लोकेशन मिल गई। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर उसे तलाशा। वह एक मंदिर के बाहर मिल गया। उसने बताया कि वह साधु बनने की तैयारी कर चुका था। मगर उसे यह नहीं पता था कि पुलिस इतनी जल्दी पकड़ लेगी।
