रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के मामले में सोमवार को मुरादाबाद मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह की कोर्ट में करीब दो घंटे तक सुनवाई हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क रखे। मामले में मंडलायुक्त ने आरडीए और तहसील से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
साथ ही बचाव पक्ष के अधिवक्ता से भी साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया है। विश्वविद्यालय के अधिवक्ता जुनैद एजाज ने बताया कि कमिश्नर कोर्ट ने अपील पर सुनवाई पूरी होने तक ध्वस्तीकरण आदेश पर लगी रोक को बरकरार रखा है। अब मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी।
गौरतलब है कि रामपुर विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण के आधार पर जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। इसके खिलाफ विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कमिश्नर कोर्ट में अपील दाखिल की थी। 27 जुलाई को हुई सुनवाई में कोर्ट ने ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक लगा दी थी। इसके बाद अगली सुनवाई के लिए तीन अगस्त की तारीख तय की गई थी।