एकलव्य स्टेडियम के हॉस्टल से शुक्रवार सुबह लापता हुए राष्ट्रीय टेबल टेनिस खिलाड़ी वंश सिंह को उज्जैनी एक्सप्रेस के सामान्य डिब्बे में दिल्ली की ओर जाते देखा गया है। सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से उनके कैंट स्टेशन से ट्रेन में बैठने की पुष्टि हुई है। शनिवार को उन्होंने एक मित्र को फोन कर बात की, जिससे पुलिस को उनके स्थान का भी पता चला।
पुलिस ने वंश के सकुशल होने की जानकारी मिलने पर राहत की सांस ली है। पुलिस टीम उन्हें बरामद करने के लिए निकल गई है। वंश सिंह शाहगंज के नगला छउआ निवासी हैं और अंडर-17 वर्ग के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं। वह एकलव्य स्टेडियम के हॉस्टल में रहकर खेल का प्रशिक्षण ले रहे थे। शुक्रवार सुबह वह हॉस्टल से लापता हो गए थे, जबकि उनका मोबाइल और सामान वहीं मिला था।
वंश के पिता शैलेश सिंह ने स्टेडियम के एक अधिकारी, वार्डन और दो कोच पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने जातिसूचक बातें बोलकर उनके बेटे को प्रताड़ित किया। पिता ने उत्पीड़न के कारण ही वंश के चले जाने की आशंका जताते हुए तहरीर दी थी।
हॉस्टल में मिले खून के धब्बे ने था उलझाया
शनिवार को पुलिस टीम के साथ परिजन हॉस्टल पहुंचे, जहां उन्हें छत पर खून के धब्बे मिले। पुलिस का खोजी कुत्ता कमरे से छत पर और फिर नाले के पास झाड़ियों तक गया। हॉस्टल में लगे निगरानी कैमरे बंद पाए गए। इससे पुलिस भी मामले को सुलझाने में उलझ गई थी। उधर, परिजन ने अनहोनी की आशंका जताते हुए हंगामा भी किया था।
पुलिस ने वंश की तलाश में आसपास के निगरानी कैमरे खंगाले। एक कैमरे में शुक्रवार सुबह 5:40 बजे वंश अकेले जाते हुए दिखे। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि लापता खिलाड़ी को ट्रेन में जाते देखा गया है और कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। परिजन ने वंश के सुरक्षित होने की खबर पर राहत महसूस की है। उनका कहना है कि वंश के मिलने पर ही उसके अवसाद और हॉस्टल छोड़ने की असली वजह सामने आएगी।
