महिला के साथ दुष्कर्म व अन्य आरोपों के मामले में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट दिव्यानंद ने साक्ष्य के अभाव में थाना ताजगंज क्षेत्र के सिद्धार्थ नगर निवासी बॉडी स्पा संचालक रिंकू कुमार और शाहगंज निवासी उसके साथी विनय प्रताप उर्फ वीपी को बरी करने के आदेश दे दिए।

थाना ताजगंज में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि पति की मौत के बाद वह वर्ष 2020 से रिंकू के बॉडी स्पा में नौकरी कर रही थी। आरोप लगाया कि रिंकू ने धमकी देकर सितंबर 2020 में दुष्कर्म किया। मोबाइल से आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बना लिए। इसके बाद ब्लैकमेल करने लगा। नौकरी छोड़ दी तो 15 जून, 2021 को रिंकू अपने साथी विनय प्रताप के साथ घर आ गया। फिर से नौकरी का दबाव बनाने लगा। विरोध पर वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी दी।

प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस पीड़िता को मेडिकल कराने जिला अस्पताल लेकर गई, जहां पीड़िता ने जांच कराने से मना कर दिया। अभियोजन पक्ष ने पीड़िता सहित चार गवाह अदालत में पेश किए। उधर, आरोपियों के अधिवक्ता ने दलील दी कि पीड़िता और उसकी बहन संगठित गिरोह बनाकर लोगों के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगा रुपयों की वसूली करती हैं। पीड़िता के खिलाफ वसूली के आरोप में भी प्राथमिकी दर्ज है।



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