सूत्रों के अनुसार, दूल्हा पुष्पेंद्र, जो जल निगम फिरोजाबाद में संविदा पर पानी की फिटिंग का काम करता है, 27 अप्रैल को अचानक अपने घर से लापता हो गया। उसके साथ उसकी ममेरी बहन भी उसी समय से लापता बताई जा रही है। बारात न पहुंचने से दुल्हन मोहिनी हाथों में मेहंदी सजाए दूल्हे का इंतजार करती रह गई। शादी के लिए आंगन में गड़ा मांडव यूं ही खड़ा रह गया और दहेज के लिए खरीदा गया सामान घर में ही रखा रह गया। जिस घर में खुशियों का माहौल था, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है।
दुल्हन मोहिनी और उसके परिजन इस घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं। वे रो-रोकर बेहाल हैं। दुल्हन के बाबा ग्याप्रसाद सागर, जो शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पर गैंगमैन के पद पर कार्यरत हैं, इस घटना के बाद से बेसुध हैं। उनकी समझ में नहीं आ रहा कि उनके साथ यह क्या हो गया।
इस अनोखी घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं जोरों पर हैं। कुछ लोग इसे प्रेम प्रसंग का मामला बता रहे हैं, तो कुछ अन्य इसे किसी गहरी साजिश का हिस्सा मान रहे हैं। दूल्हे और उसकी ममेरी बहन के एक साथ लापता होने से मामला और भी पेचीदा हो गया है।
फिलहाल, इस मामले में दुल्हन पक्ष की ओर से पुलिस में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। यह स्पष्ट नहीं है कि दूल्हा और उसकी ममेरी बहन स्वेच्छा से गए हैं या किसी दबाव में। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और दोनों की तलाश जारी है।




