आगरा के किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने बृहस्पतिवार को बीज और कीटनाशकों के नमूने फेल होने पर प्रस्तावित कड़े दंडात्मक प्रावधानों में किसी तरह की ढील न देने की मांग को लेकर फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर को ज्ञापन सौंपा है।
मोहन सिंह चाहर के अनुसार ज्ञापन में कहा कि केंद्र सरकार के प्रस्तावित विधेयक में नमूना फेल होने पर निर्माता कंपनी और विक्रेता पर 50 हजार रुपये से 30 लाख रुपये तक जुर्माना, प्राथमिकी दर्ज करने और लाइसेंस निरस्तीकरण जैसे प्रावधान किए गए हैं। इन प्रावधानों से नकली और घटिया बीज-कीटनाशकों की बिक्री पर प्रभावी रोक लग सकेगी।
किसान नेता ने बताया कि इस वर्ष आगरा जिले के 29 किसानों को पंजाब के जालंधर की एक फर्म द्वारा आलू का नकली और रोगग्रस्त बीज उपलब्ध कराया गया। कृषि विभाग की जांच में करीब 60 लाख रुपये के नुकसान की पुष्टि हुई। इससे किसानों की लागत डूबने के साथ फसल भी प्रभावित हुई। उन्होंने मांग की है कि बीज और कीटनाशक विक्रेता विधिवत प्रमाणीकरण के बाद ही किसानों को सामग्री उपलब्ध कराएं, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
विधेयक में शामिल होंगे दंडात्मक प्रावधान
वहीं, सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक में शामिल दंडात्मक प्रावधानों को लेकर किसानों की भावना से सरकार को अवगत कराया जाएगा, जिससे नकली बीज और कीटनाशकों पर सख्ती से अंकुश लगाया जा सके। इस दौरान ओमप्रकाश चलनी वाले, लाल सिंह लोधी, सोनू दिवाकर आदि रहे।
