उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की अधिसूचना मंगलवार को जारी कर दी गई। आयोग तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। ज़रूरत पड़ने पर सरकार इसकी समय सीमा बढ़ा भी सकेगी।

पंचायती राज विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार आयोग पांच सदस्यीय होगा। इसमें पिछड़ा वर्ग से जुड़े मामलों की जानकारी रखने वाले लोगों को शामिल किया जाएगा। आयोग के अध्यक्ष उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश होंगे। आयोग का मुख्यालय लखनऊ में रहेगा।

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अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल छह महीने निर्धारित किया गया है। सरकार को यह अधिकार भी होगा कि लोकहित में जरूरत महसूस होने पर किसी सदस्य या अध्यक्ष को पद से हटाया जा सके। आयोग में सचिव, उप सचिव, शोध अधिकारी, समीक्षा अधिकारी और कार्यालय सहायकों समेत अन्य कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। इनकी नियुक्ति विभिन्न विभागों से प्रतिनियुक्ति के आधार पर होगी। जरूरत पड़ने पर सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं संविदा पर भी ली जा सकेंगी।



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