किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और बिना भटकाव के दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री को तेजी से लागू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उच्च स्तरीय बैठक में इस संबंध में अहम निर्देश दिए हैं। जिसमें स्पष्ट कहा है कि हर पात्र किसान का पंजीकरण प्राथमिकता पर किया जाए। इसके लिए प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में जल्द विशेष शिविर लगाए जाएं, ताकि कोई भी किसान इस व्यवस्था से बाहर न रह जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री को कृषि क्षेत्र की एकीकृत डिजिटल प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके जरिये कृषि विभाग के साथ-साथ उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और लघु सिंचाई विभागों की योजनाएं एक प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगी। इससे किसानों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सीएम ने कहा कि योजना का क्रियान्वयन शत प्रतिशत तय समय सीमा में किया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।

त्रुटियां प्राथमिकता पर सुधारें

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत अन्य योजनाओं में नाम, खाते या अभिलेखों की किसी भी त्रुटि को आधार से लिंक कर प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जाए। हर पात्र किसान का किसान पहचान पत्र बनाना भी अनिवार्य किया गया है, जिससे पात्रता का सत्यापन आसान हो और भुगतान में दिक्कत न आए।

एक मई तक पोर्टल, 31 मई तक सभी विभाग होंगे लिंक

सरकार ने इसके लिए सख्त समय सीमा तय की है। कृषि विभाग को एक मई 2026 तक पोर्टल पूरी तरह चालू करने और सभी योजनाओं को इससे जोड़ने का निर्देश दिया गया है। वहीं अन्य संबंधित विभागों को 31 मई तक अपनी तैयारियां पूरी करनी होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री लागू होने के बाद योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिलेगा।

 



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