उत्तर प्रदेश में बैंकों की कर्ज वितरण क्षमता, यानी ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) में लगातार सुधार दर्ज हो रहा है। दिसंबर 2025 तक सभी बैंकों का औसत सीडी रेशियो 60.39 प्रतिशत पहुंच गया, जो मार्च 2023 के 54.54 प्रतिशत की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है।
शासन को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। इनका सीडी रेशियो दिसंबर 2025 में 63.08 प्रतिशत रहा, जबकि मार्च 2023 में यह 57.01 प्रतिशत था, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण वितरण की रफ्तार तेज होने का संकेत मिलता है। वाणिज्यिक बैंकों का प्रदर्शन भी बेहतर हुआ है। इनका सीडी रेशियो मार्च 2023 के 52.95 प्रतिशत से बढ़कर दिसंबर 2025 में 59.03 प्रतिशत हो गया।
हालांकि बीच में हल्की गिरावट देखी गई, लेकिन बाद में फिर सुधार का रुझान बना। सहकारी बैंकों में उतार-चढ़ाव रहा। मार्च 2024 में इनका सीडी रेशियो 85.92 प्रतिशत के उच्च स्तर पर पहुंचा, लेकिन दिसंबर 2025 तक घटकर 77.88 प्रतिशत रह गया।
स्मॉल फाइनेंस बैंकों ने भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इनका सीडी रेशियो मार्च 2023 के 101.66 प्रतिशत से घटकर दिसंबर 2025 में 95.85 प्रतिशत हो गया, जो संतुलन की दिशा में संकेत करता है।
बदल रहा ग्राहकों का रुझान
बैंकिंग क्षेत्र में ग्राहकों का रुझान भी तेजी से बदल रहा है। पिछले एक वर्ष में पेमेंट बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंकों ने ग्राहकों का भरोसा तेजी से जीता है। पेमेंट बैंकों में जमा में 35.65 प्रतिशत और स्मॉल फाइनेंस बैंकों में लगभग 29.65 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
दिसंबर 2025 तक पेमेंट बैंकों के जमा 4135 करोड़ रुपये और स्मॉल फाइनेंस बैंकों के जमा 16,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गए। इसके विपरीत, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में जमा वृद्धि सबसे कम, केवल 5.44 प्रतिशत रही। वाणिज्यिक बैंकों में 10.14 प्रतिशत और सहकारी बैंकों में 11.12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
