पंचकर्म विषय में बड़ी संख्या में फेल होने के विरोध में मंगलवार को बीएएमएस विद्यार्थियों को ने दोपहर से रात तक डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया। दोपहर में विद्यार्थियों ने पालीवाल पार्क स्थित परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद शाम छह बजे से खंदारी कैंपस में कुलपति कैंप कार्यालय के बाहर विद्यार्थियों का प्रदर्शन शुरू हुआ, जो रात करीब 8:30 बजे तक चला।
विद्यार्थियों ने पंचकर्म विषय की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराने और परिणाम की दोबारा समीक्षा की मांग की। प्रदर्शन में एनएसयूआई और समाजवादी छात्र संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी विद्यार्थियों के साथ शामिल रहे। विद्यार्थी आर्यन का कहना है कि बीएएमएस का साढ़े पांच साल का पाठ्यक्रम है, जिसमें साढ़े चार साल थ्योरी-प्रैक्टिकल और एक साल की इंटर्नशिप होती है।
विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रक्रिया में देरी के कारण कोर्स पूरा होने में करीब सात साल लग गए। सात साल बाद परीक्षा हुई तो अधिकांश विद्यार्थियों को एक ही विषय पंचकर्म में फेल कर दिया गया। छात्र नीरज ने बताया, किसी को पंचकर्म में 20, किसी को 21 और किसी को 29 अंक दिए गए हैं, जबकि वे अन्य सभी विषयों में पास हैं।
विद्यार्थी विकास ने सवाल उठाया कि एक ही विषय में इतनी बड़ी संख्या में छात्रों को इतने कम अंक कैसे दिए गए। यदि विश्वविद्यालय ने जल्द हमारी समस्या का निस्तारण नहीं किया तो हम परास्नातक का फॉर्म भरने से वंचित रह जाएंगे।
छात्र नेता ने कुलपति कार्यालय का ताला तोड़ा
विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया। समाजवादी छात्र सभा जिला महासचिव तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाया कि जब वह विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय पहुंचे तो छात्रों को देखकर परीक्षा नियंत्रक और कुलपति प्रो. आशु रानी भी वहां से चली गईं । विद्यार्थियों की समस्याएं सुनने के लिए कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। कुलपति कार्यालय पर ताला लगा दिया गया था। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने ईंट से पालीवाल पार्क स्थित कुलपति कार्यालय का ताला तोड़ दिया और वहीं प्रदर्शन करने लगे।
अधिकारी मौके से चले गए, सहायक कुलसचिव का घेराव
एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव अंकुश गौतम ने बताया कि विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के अधिकारी मौके से चले गए। इसके बाद सहायक कुलसचिव रामाकांत त्रिपाठी को बैठाकर उनका घेराव किया गया। छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय ने डिजिटल इवैल्यूएशन के नाम पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। विद्यार्थियों की पूरी कॉपी एक मिनट में चेक किया जा रहाे है।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि विद्यार्थियों की समस्या का जल्द निस्तारण कराया जाएगा। यदि परीक्षक की गलती निकली तो परीक्षक को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
