उत्तर प्रदेश के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। अंग्रेजी और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों के साथ-साथ विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, संस्कृत और कंप्यूटर जैसे विषयों में भी शिक्षकों के पद खाली हैं। इन रिक्त पदों की कुल संख्या 515 हैं। इसमें प्रवक्ता के 235 पद, सहायक अध्यापक के 231 और शारीरिक शिक्षा अनुदेशक 49 पद हैं।
लखनऊ में सर्वोदय विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षक न होने पर स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले सड़क पर उतरे, लेकिन ऊपर दी गई रिक्तियों के ब्योरे से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह समस्या पूरे प्रदेश में इन स्कूलों में है। इनका संचालन समाज कल्याण विभाग करता है। शैक्षिक सत्र 2025-26 में प्रदेश में 103 सर्वोदय विद्यालय संचालित थे, जिनमें करीब 35 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। छह नए विद्यालयों का निर्माण पूरा होने के बाद शैक्षिक सत्र 2026-27 में इनकी संख्या बढ़कर 109 होने की बात कही गई है।
प्रवक्ता के कुल 235 पद खाली हैं। इनमें हिन्दी के 25, अंग्रेजी के 28, गणित के 51, भौतिक विज्ञान के 42, रसायन विज्ञान के 30, जीव विज्ञान के 25, भूगोल के 10, इतिहास के 12 और राजनीति शास्त्र के 12 पद खाली हैं।
शिक्षक रखने का मामला कोर्ट में विचाराधीन
इस बारे में शासन का कहना है कि पिछले सत्र में एक साल के लिए अतिथि शिक्षक रखे गए थे, लेकिन जब जून 2026 में दोबारा विज्ञापन निकाला गया तो पहले रखे गए अतिथि शिक्षक कोर्ट चले गए। 17 अगस्त को फिर सुनवाई है। कोर्ट का जैसा आदेश होगा, उसके अनुसार अगस्त में ही अतिथि शिक्षकों को तैनात कर दिया जाएगा।
