उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना सेक्टर एल में पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या के मामले में नई-नई जानकारी सामने आ रही है, जिससे रहस्य और गहरा गया है। यह वारदात 20 फरवरी की सुबह करीब साढ़े चार बजे हुई थी। उस समय मानवेंद्र के भाई अरविंद की पत्नी दूसरे तल पर बच्चों के साथ सो रही थीं। अक्षत ने इसी दौरान अपने पिता को गोली मार दी। हालांकि, परिजनों का कहना है कि उन्हें गोली चलने की कोई आवाज सुनाई नहीं दी। मानवेंद्र के भाई अरविंद ने बताया कि परिवार सो रहा था, इसलिए उन्हें कुछ पता नहीं चला।
परिजनों के इस बयान से पुलिस को संदेह हो रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मानवेंद्र अपने बेटे और बेटी के साथ एक ही कमरे में सोते थे। यह तथ्य भी मामले को और उलझा रहा है। सवाल ये है कि आखिर परिजन क्या छिपा रहे हैं।
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शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद गमगीन परिजन
– फोटो : शुभम बंसल
घटना के वक्त कमरे में उनकी बेटी कृति भी मौजूद थी। कृति के सामने ही अक्षत ने वारदात को अंजाम दिया। कृति तब से सदमे में है। पुलिस कृति को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी कर रही है। मंगलवार को कृति से पूछताछ की गई।
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शराब कारोबारी हत्या के बाद विलाप करते परिजन
– फोटो : अमर उजाला
कृति ने कहा कि मां की मौत के बाद से भाई और पिता का ही सहारा था। पिता की हत्या के बाद भाई भी जेल चला जाएगा। ऐसे में वह किसके साथ रहेगी। हत्या के मामले में पूछने पर कृति ने चुप्पी साध ली।
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शराब कारोबारी हत्या के बाद विलाप करते परिजन
– फोटो : अमर उजाला
उधर, अरविंद ने बताया कि 12 से 22 फरवरी तक वह छुट्टी लेकर घर बनवाने जालौन गए थे। घटना की जानकारी पाकर वह लखनऊ पहुंचे। दोस्त मुकुल ने बताया कि 19 फरवरी को उनकी मुलाकात मानवेंद्र से हुई थी। दोस्त धर्मेंद्र ने बताया कि 19 की रात में मानवेंद्र एक बजकर 34 मिनट तक ऑनलाइन थे।
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शराब कारोबारी हत्या के बाद विलाप करते परिजन
– फोटो : अमर उजाला
अक्षत ने बनाया था व्हाट्सएप ग्रुप, पापा लौट आओ
परिजनों और मानवेंद्र के दोस्तों को गुमराह करने के लिए अक्षत ने पिता के लापता होने की अफवाह उड़ाई। व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया। इसमें मानवेंद्र के दोस्तों को जोड़ा। ग्रुप में वह लिखता रहा, ‘पापा, आप कहां हो। प्लीज वापस आ जाओ… कृति और मैं आपको मिस कर रहे हैं।’