किसी भी ट्रेन के रेलवे स्टेशन पर प्रवेश करते समय और स्टेशन छोड़ते समय उसकी बोगियों के प्रत्येक जोड़ की जांच होगी। इसके लिए स्टेशनों के नजदीक रोलिंग हट पर एआई सेंसर वाले कैमरे लगाए जाएंगे। उच्च क्षमता वाले यह कैमरे ट्रेन के इंजन और बोगियों के हर एक जोड़ का एक्सरे करेंगे।

यदि कोई जोड़ ऐसा है जिसके खुलने की आशंका है या कोई पार्ट कमजोर है तो तत्काल इंजीनियरिंग टीम को रिपोर्ट भेजी जाएगी। रेलवे का मानना है कि एआई आधारित इस तकनीक से सुरक्षित संचालन हो सकेगा और दुर्घटनाएं नहीं होंगी। सेंसर की रिपोर्ट को अधिकारियों तक भेजने के लिए रोलिंग हट में एक कंप्यूटर सिस्टम लगाया जाएगा, जिस पर रेलकर्मी की तैनाती रहेगी।

पुरानी व्यवस्था के अनुसार अब तक ट्रेन के सभी जोड़ों की जांच मैनुअल की जाती है। एक रेलकर्मी रोलिंग हट पर खड़ा रहता है। वह ट्रेन के गुजरते समय झुककर देखता रहता है कि कहीं किसी जोड़ में कोई खामी तो नहीं है। इस व्यवस्था में मानवीय चूक की संभावना बहुत अधिक रहती है।

रात के समय चलती ट्रेन के सभी जोड़ टॉर्च की रोशनी में चेक करना बेहद मुश्किल होता है। ऐसे में रेलवे यह कैमरे लगा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों के तेज गति में होने पर भी एआई सेंसर सटीक रिपोर्ट देगा। इस मॉडल का उदाहरण हाल ही में दिल्ली में आयोजित हुई इंडिया एआई समिट में भी प्रस्तुत किया गया था।



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