लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का रौद्र रूप जिले में लगातार कटान का कारण बन रहा है। निघासन क्षेत्र के ग्रंट नंबर-12 गांव में बुधवार को संविलियन विद्यालय का एक हिस्सा नदी में समा गया। गांव को जोड़ने वाली मुख्य डामर सड़क पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है। मंगलवार को पलियाकलां में नदी का जलस्तर खतरे के निशान 154.590 मीटर को पार कर 154.690 मीटर तक पहुंच गया था। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पलिया इलाके में कई सड़कें बाढ़ के पानी में डूब गई हैं। 




a part of school has been swallowed by the river due to erosion by the Sharda River in Lakhimpur Kheri

नदी में समा रही कटान
– फोटो : संवाद


ग्रंट नंबर-12 में कटान का कहर

शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रंट नंबर-12 गांव सबसे अधिक प्रभावित है। नदी गांव के अस्तित्व पर संकट बनकर मंडरा रही है। गांव के दक्षिण दिशा में स्थित संविलियन विद्यालय का एक हिस्सा नदी में समा चुका है। गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली डामर सड़क भी कटान की चपेट में है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी प्रतिदिन जमीन लील रही है। घरों के साथ-साथ अब सार्वजनिक संपत्तियां भी खतरे में हैं।


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ग्रंट नंबर 12 में कटान का कहर
– फोटो : संवाद


ग्रंट नंबर-12 में कटान से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र प्रभावी कटानरोधी कार्य नहीं हुए तो गांव का संपर्क टूट सकता है। इससे राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित होंगे। पिछले तीन वर्षों से शारदा नदी का कटान इस गांव को प्रभावित कर रहा है। बड़ी संख्या में परिवार पहले ही अपने घर छोड़कर तटबंधों पर रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल प्रभावी कटानरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है।


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ग्रंट नंबर 12 में कटान का कहर
– फोटो : संवाद


मतदान बहिष्कार 

ग्रंट नंबर-12 के करीब 200 परिवारों के 500 लोगों ने स्थायी पुनर्वास न होने पर 19 जुलाई को चुनाव में मतदान बहिष्कार का एलान किया था। इस मुद्दे पर संवाद न्यूज एजेंसी की खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी। खबर के बाद मंगलवार को अधिकारी गांव पहुंचे। उन्होंने राहत एवं पुनर्वास की तैयारियों की समीक्षा की। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही ठोस कदम उठाएगा।


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पलिया में शारदा नदी का रौद्र रूप।
– फोटो : संवाद


पलियाकलां में खतरे के निशान से ऊपर जलस्तर

शारदा नदी ने लखीमपुर खीरी के पलियाकलां में भी खतरे का निशान लांघ लिया है। मंगलवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर निर्धारित 154.590 मीटर से बढ़कर 154.690 मीटर तक पहुंच गया। बाढ़ का पानी सड़कों और खेतों तक फैल गया है। मझौरा से इमलिया जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इससे एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है। 




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