नीट काउंसिलिंग की 3.8 अरब रुपये की सिक्योरिटी मनी हजारों अभ्यर्थियों को वापस न किए जाने के गंभीर मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने जिम्मेदार प्रोफेसर डॉ. राहुल कुमार और स्टेनो मोहम्मद इरफान अंसारी को निलंबित करते हुए एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक के संबंधित खाते बंद करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही महानिदेशालय के कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी जल्द कार्रवाई की तैयारी है।
चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय की कार्यप्रणाली पर पहले से ही कई सवाल उठते रहे हैं। कभी उप निदेशकों की नियुक्ति, कभी काउंसिलिंग में गड़बड़ी, तो कभी नर्सिंग भर्ती और मेडिकल कॉलेजों में उपकरणों की व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। इन दिनों महानिदेशक अवकाश पर हैं, इसलिए महानिदेशालय का कार्यभार अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष स्वयं देख रहे हैं।
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कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने विभाग में कई कमियां पाईं और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए, लेकिन हालात में खास सुधार नहीं हुआ। इसी दौरान उनके सामने नीट काउंसिलिंग की सिक्योरिटी मनी वापस न करने की शिकायत आई।
बताया गया कि पिछले वर्ष एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों की काउंसिलिंग में शामिल करीब 30 हजार अभ्यर्थियों की 3.8 अरब रुपये की सिक्योरिटी मनी अब तक वापस नहीं की गई।
मामले को गंभीर मानते हुए उन्होंने महानिदेशालय से संबद्ध आचार्य डॉ. राहुल व आशुलिपिक मोहम्मद इरफान अंसारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही सभी अभ्यर्थियों की सिक्योरिटी मनी जल्द लौटाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित बैंक खातों (भारतीय स्टेट बैंक व आईसीआईसीआई बैंक) को बंद करने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को भी कहा गया है।
कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर गिरेगी गाज
अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने महानिदेशालय के कामकाज को लेकर भी नाराजगी जताई है। अलग अलग मामलों में कई अन्य दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध भी रिपोर्ट तलब की है। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही अन्य कई लोगों पर भी गाज गिरनी तय है। खासतौर से विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध किए लिपिकों को निलंबित करने के साथ ही उन्हें उनके मूल पद पर लौटाया जा रहा है। ऐसे में महानिदेशालय में हलचल मची हुई है। कई पुरानी फाइलें भी खुल गई हैं। इनके जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई तय मानी जा रहीं है।
