
योगी आदित्यानाथ और अखिलेश यादव
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम योगी आदित्यनाथ पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामाजिक सौहार्द को खत्म कर बारूदी सुरंग बिछा रहे हैं। एनकाउंटर वाली इस सरकार का काउंटडाउन शुरू हो गया है। घबराहट में उनकी भाषा भी मर्यादाहीन हो गई है। मुख्यमंत्री समाज में बारूद बिछाना छोड़ दें। भाजपा सरकार संविधान नहीं मन विधान से चल रही है।
अखिलेश प्रदेश सपा मुख्यालय पर नोटबंदी के दौरान जन्मे खजांची का जन्मदिन मनाने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। सपा अध्यक्ष ने कहा कि हार के डर से भाजपा नेताओं की भाषा बदल गई है। सच्चाई यह है कि मन की कुटिलता ही वचन की कटुता बनती है। जिन्होंने खुद के ऊपर से सच्चे मुकदमे हटवाए हैं और दूसरे के ऊपर झूठे मुकदमे लगवाएं हैं, वे जितना कम बोलेंगे उतना उनकी सच्चाई छुपी रहेगी।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार में साधू संतों से पक्षपात किया जा रहा है। उनके बीच झगड़े करवाए जा रहे हैं। जो जितना बड़ा संत होता है, वह उतना कम बोलता है। यहां तो सब उल्टा है। इनकी योग्यता की परीक्षा करवानी पड़ेगी। व्यक्ति वस्त्र से नहीं वचन से योगी होता है। जिन्हें मृदुभाषी होना चाहिए, वे वाचाल और कटुभाषी बन गए हैं। झूठे प्रचारक और अत्याचारी बन गए हैं। जिनका काम सरकार चलाना होना चाहिए, वे बुलडोजर चला रहे हैं।
मनाया खजांची का जन्मदिन
अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी मुख्यालय पर नोटबंदी के समय कानपुर देहात के रसूलाबाद में बैंक की लाइन में पैदा हुए खजांची का आठवां जन्मदिन मनाया गया। उन्होंने खजांची को साइकिल भी भेंट की। खजांची ने कविता सुनाई। बड़ी संख्या में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी खजांची को उपहार दिए। इस अवसर पर अखिलेश ने कहा कि नोटबंदी दुनिया के इतिहास में सबसे बड़े आर्थिक भ्रष्टाचार के रूप में उभर कर आई है। खजांची का जन्म दिन हम लोगों से ज्यादा भाजपा को मनाना चाहिए।
