उत्तर प्रदेश में अब स्मार्ट मीटर के प्रीपेड और पोस्टपेड होने को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना उनकी अनुमति लिए उनके मीटर को प्रीपेड कर दिया गया है। वे अपने मीटर को पोस्टपेड करने के लिए अधिशासी अभियंता को पत्र लिख रहे हैं। सभी कार्यालयों में इस आशय के पत्रों की संख्या बढ़ने लगी है।
प्रदेश में 78 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। इसमें 70.50 लाख उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगा दिया गया है। पिछले दिनों लोकसभा में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने बयान देकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने साफ कहा कि बिना उपभोक्ता की इजाजत लिए मीटर को पोस्ट या प्रीपेड में नहीं बदला जा सकता है। यह उपभोक्ता पर निर्भर करता है कि वह प्रीपेड मीटर लगवाना चाहता है अथवा पोस्टपेड।
