
– फोटो : Amar Ujala (File Photo)
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उत्तर प्रदेश के निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों ने कॉमन नर्सिंग इंट्रेंस टेस्ट (सीएनईटी) में हिस्सा नहीं लिया है। इसके चलते इन विश्वविद्यालयों में बीएससी नर्सिंग में दाखिला लेने के लिए अलग से परीक्षा देनी होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अपना ही आदेश पलट दिया है।
प्रदेश के सरकारी एवं निजी नर्सिंग कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग के लिए एक प्रवेश परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। रणनीति थी कि केजीएमयू, एसजीपीजीआई, लोहिया संस्थान, उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान संस्थान नोएडा, सभी सरकारी एवं निजी कॉलेजों, निजी विश्वविद्यालयों एवं डीम्ड विश्वविद्यालयों में नर्सिंग कोर्स में दाखिला केंद्रीयकृत प्रवेश परीक्षा के जरिए कराई जाए।
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इस संबंध में 17 मार्च 2023 को तत्कालीन विशेष सचिव दुर्गा शक्ति नागपाल ने आदेश भी जारी कर दिया। इसके लिए अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय ने कॉमन नर्सिंग इंट्रेंस टेस्ट (सीएनईटी) की कार्ययोजना बनाई। लेकिन, 25 अप्रैल को इस आदेश में बदलाव कर दिया गया।
विशेष सचिव रामयज्ञ मिश्र ने जारी आदेश में कहा कि निजी क्षेत्र और डीम्ड विश्वविद्यालय बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एमएससी एवं पैरामेडिकल कोर्स में दाखिला के लिए सीएनईटी में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं हैं। इस आधार पर ये केंद्रीयकृत काउंसिलिंग में शामिल नहीं होंगे।
इतना जरूर है कि यदि कोई विश्वविद्यालय सीएनईटी में शामिल होना चाहता है तो उसे काउंसिलिंग से पहले सहमति पत्र देना होगा। इस आदेश के बाद सभी निजी एवं डीम्स विश्वविद्यालय नर्सिंग एवं पैरामेडिकल में दाखिले के लिए अपने तरीके से प्रक्रिया अपना रहे हैं। हालांकि अब सवाल यह उठ रहा है कि एसजीपीजीआई और केजीएमयू जैसे संस्थान भी सीएनईटी में शामिल हैं फिर निजी और डीम्स विश्वविद्यालय केंद्रीयकृत काउंसिलिंग से परहेज क्यों कर रहे हैं?
