
सर्जरी (सांकेतिक)
– फोटो : अमर उजाला
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सर्जरी (सांकेतिक)
– फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के छोटे जिलों के अस्पताल अब जटिल प्रसव के मामलों को सफलतापूर्वक संभालने लगे हैं। इससे मरीजों को बड़े मेडिकल कॉलेजों में रेफर करने की आवश्यकता में कमी आई है। यह बदलाव रीजनल रिसोर्स एंड ट्रेनिंग सेंटर (आरआरटीसी) की स्थापना के बाद दिखाई दे रहा है। इस पहल के तहत अब तक प्रदेश के 76 जिला अस्पतालों के 1791 डॉक्टरों को जटिल प्रसव प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
प्रदेश में मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से यह मॉडल अपनाया गया है। पहले जिला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ सेवाओं की कमी, आपात स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने में कठिनाई और समय पर रेफरल की जटिलताओं के कारण कई गंभीर स्थितियां उत्पन्न हो जाती थीं। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आरआरटीसी मॉडल लागू किया गया, जो अब प्रभावी साबित हो रहा है।