उत्तर प्रदेश में भारत की 16वीं जनगणना का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। प्रदेश में जनगणना दो चरणों में कराई जाएगी। पहले चरण की शुरुआत 22 मई 2026 से होगी, जबकि दूसरे चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना का कार्य पूरा किया जाएगा।

पहले चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक मकानसूचिकरण और मकानों की गणना होगी। इस दौरान जनगणना कर्मी घर-घर जाकर प्रत्येक मकान की स्थिति, परिवार को उपलब्ध सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से एकत्र करेंगे। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा।

अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती

दूसरे चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या की गणना होगी। इसमें परिवार के सदस्यों, सामाजिक और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज किए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने जनगणना कार्य के लिए बड़े स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की है।

पूरे प्रदेश में करीब 5.25 लाख अधिकारी और कर्मचारी लगाए गए हैं। इनमें सभी 18 मंडलायुक्त, 75 जिलाधिकारी, 17 नगर आयुक्त, 600 जिला स्तरीय अधिकारी, 1195 चार्ज अधिकारी, 285 मास्टर ट्रेनर और 6939 फील्ड ट्रेनर शामिल हैं। 

इसके अलावा लगभग पांच लाख पर्यवेक्षक और प्रगणक घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने का काम करेंगे। प्रशासन के मुताबिक, जनगणना की तैयारियां तेज कर दी गई हैं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।



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