पीएफआरडीए सीजीएम आशीष कुमार का कहना है कि पीएफआरडीए अटल पेंशन योजना और नेशनल पेंशन सिस्टम का नियमन करता है और नागरिकों को बुढ़ापे में नियमित आय की सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए कामकाजी जीवन के दौरान छोटी-छोटी नियमित बचत करके पेंशन की योजना बनाना सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है।
कम उम्र में निवेश, ज्यादा पेंशन का फायदा
पीएफआरडीए डीजीएम मनोज तिवारी ने कहा कि जो कारीगर युवावस्था में एनपीएस से जुड़ते हैं, उन्हें कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि) रिटर्न का अधिकतम लाभ मिलता है। छोटी बचत भी समय के साथ बढ़कर 20–30 वर्षों में एक मजबूत पेंशन कोष का रूप ले लेती है। इससे छोटे उद्यमियों, कारीगरों और नैनो इकाइयों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा और स्थिर आय का आधार मिलता है।
भविष्य की सुरक्षा के लिए जरूरी योजना
जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड, आगरा विशाल आनंद ने कहा कि एनपीएस देश के छोटे उद्यमियों, कारीगरों और नैनो इकाइयों को सुरक्षित और स्थिर पेंशन का अवसर देता है। नाबार्ड ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ छोटे उद्यमियों, कारीगरों और नैनो इकाइयों को एनपीएस से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
ग्रामीण आर्थिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण पहल
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक ऋषिकेश बनर्जी का कहना है कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) छोटे उद्यमियों, कारीगरों के बुढ़ापे में नियमित आय का सुरक्षित माध्यम प्रदान करती है। जिले का बैंकिंग तंत्र नैनो इकाइयों, छोटे व्यापारियों एवं स्थानीय उद्यमियों को वित्तीय समावेशन से जोड़ते हुए उन्हें एनपीएस से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बना सकें।
छोटे उद्यमियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की पहल
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के सहायक महाप्रबंधक स्वपन हलदर ने बताया कि एसएलबीसी के माध्यम से बैंकिंग तंत्र नैनो इकाइयों, छोटे व्यापारियों एवं कारीगरों को वित्तीय समावेशन से जोड़ते हुए उन्हें एनपीएस से जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है, ताकि वे अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बना सकें।
आज के परिवेश में एनपीएस बेहद जरूरी
पीएफआरडीए सहायक प्रबंधक सचिन राठी ने कहा कि बदलते समय में केवल पारंपरिक आय के साधनों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। एनपीएस जैसी योजनाएं लोगों को भविष्य के लिए आर्थिक रूप से तैयार करती हैं। इससे परिवार की वित्तीय सुरक्षा मजबूत होती है और जीवन स्तर बेहतर बनता है।
क्या बोले लोग-
– शशिकांत श्रीवास्तव का कहना है कि छोटे उद्यमियों, कारीगरों और नैनो इकाइयों के लिए पेंशन समय की जरूरत है, एनपीएस इस दिशा में अच्छा कदम है।
– नैना ओबराय ने कहा कि छोटी बचत से बड़ा सहारा बन सकता है, एनपीएस छोटे उद्यमियों, कारीगरों और नैनो इकाइयों को यही अवसर देता है।
सुशीला कौशिक ने कहा कि यह योजना छोटे उद्यमियों, कारीगरों और नैनो इकाइयों को बुढ़ापे में आर्थिक सहारा देने में मददगार साबित हो सकती है।
पूनम सोलंकी ने बतायता कि यदि जागरूकता बढ़े तो छोटे उद्यमियों, कारीगरों और नैनो इकाइयों एनपीएस का लाभ उठा सकते हैं।
रक्षा गुप्ता का कहना है कि एनपीएस छोटे उद्यमियों, कारीगरों और नैनो इकाइयों में बचत की आदत को बढ़ावा देने वाली अच्छी पहल है।
राजन गौतम ने कहा कि छोटे उद्यमियों, कारीगरों और नैनो इकाइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा जरूरी है और एनपीएस इस दिशा में अहम कदम है।
