बाह। बासौनी के गुंगावली गांव में भाजपा बाह देहात के मंडल अध्यक्ष एवं प्रधान रविन्द्र बघेल पर 9 अगस्त को हुए हमले में चाचा सुरेश बघेल समेत 4 परिवार घायल हुए थे। पुलिस ने 4 आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे थे। सोमवार की सुबह उपचार के दौरान सुरेश बघेल (52) की मौत हो गयी। भाजपा मंडल अध्यक्ष के चाचा की मौत से परिवार गम और गुस्से में है। गांव शोक में डूब गया है। भाजपा नेता के भतीजे कुनाल सिंह ने 20 नामजद एवं 10-12 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक भाजपा बाह देहात के मंडल अध्यक्ष एवं प्रधान रविन्द्र बघेल, अपने भाई राजवीर, सुरेन्द्र सिंह, चाचा छोटेलाल, सुरेश बघेल, किशनलाल, हरकेश के साथ 9 अगस्त की सुबह 8 बजे श्रीदयाल के घर शोक संवेदना व्यक्त कर घर लौट रहे थे। पुरानी जमीनी रंजिश में पहले से रास्ते में घात लगाए बैठे मनीष, मलखान, पवन, थान सिंह, विजय, नेकसीलाल, गोलीराम, आदेश, जोगेन्द्र, निहाल, छोटेलाल बघेल, मुन्नेश, प्रवेश, विपिन बघेल, लवकुश, अजय बघेल, बबलू, अरुण, आकाश, सुनील व 10-15 अन्य लोग हाथों में लाठी, डंडा, कुल्हाड़ी, सरिया व अवैध असलाह से हमला कर दिया। हमले में घायल हुए प्रधान रविन्द्र बघेल, राजवीर सिंह, सुरेश बघेल, छोटेलाल, दूसरे पक्ष के लवकुश, आदेश को बाह सीएचसी से हायर सेंटर रेफर किया गया था। एसीपी पिनाहट अनिल कुमार ने बताया कि बासौनी पुलिस ने रविवार को आरोपी हमलावर गुंगावली के गोलीराम, नेकसीलाल, मुन्नेश, बबलू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सुरेश बघेल की उपचार के दौरान मौत होने पर हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। अस्पताल में भाजपा के मंडल अध्यक्ष समेत घायलोंं को हाल जानने के लिए सांसद राजकुमार चाहर, एमएलसी विजय शिवहरे, जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया आदि पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक रविवार की सुबह उपचार के दौरान घायल सुरेश बघेल की मौत हो गयी। पोस्ट मार्टम के बाद शव घर पर पहुंचा तो परिवार में मातमी कोहराम मच गया। गांव में तनाव का माहौल है। मौत के बाद गुंगावली गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है।

जमीन पर निर्माण के विवाद में भाजपा देहात मंडल के अध्यक्ष रविन्द्र बघेल का दूसरे पक्ष से 6 अगस्त को झगड़ा हुआ था। झगड़े का वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें दोनों पक्षों में लाठी डंडे चलते हुए दिखे थे, ईंट पत्थर फिके थे। संघर्ष में गीतम सिंह, सुरेन्द्र सिंह, प्रवेश बघेल, रमेश सिंह घायल हुए थे। पुलिस ने प्रधान पक्ष के करन सिंह की तहरीर पर मनीष, प्रवेश, थान सिंह उर्फ गप्पी व 4-5 अन्य पर प्राथमिकी दर्ज की थी। प्रधान अपनी जमीन पर निर्माण की बात कह रहे थे। पैमाइस के बाद निर्माण शुरू किया था। जबकि दूसरा पक्ष जमीन को आबादी का हिस्सा बता रहा था। सुरेश बघेल की मौत से गांव की गलियों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। आरोपियों के घर पर ताले लटके हैं।

एक दिन पहले ही दिल्ली से खींच लाई थी मौत, सुरेश बघेल का था अगरबत्ती का कारोबार। बाह। गुंगावली गांव के श्रीदयाल की पत्नी भूरी देवी के निधन पर संवेदना व्यक्त करने के लिए सुरेश बघेल 7 अगस्त को दिल्ली से अपने घर आये थे। 8 अगस्त की सुबह 8 बजे अपने भतीजे मंडल अध्यक्ष रविन्द्र बघेल आदि परिजनो के साथ संवेदना व्यक्त करने के लिए पहुंचे थे। तभी घात लगाकर किये गये हमले में परिजनों के साथ वह घायल हुए थे। बाह अस्पताल से लेकर आगरा तक उनकी बेहोशी नहीं टूटी थी। परिजनों ने बताया कि हमले के एक दिन पहले ही सुरेश बघेल को दिल्ली से मौत खींच लाई थी। दिल्ली के शिव बिहार में रहकर वह अगरबत्ती का कारोबार करते थे। पत्नी बिट्टी देवी, बेटे प्रेम और मदन भी साथ रहते थे। वह दिल्ली से घर अकेले आये थे। उन्होंने अपने पीछे दो विवाहित बेटियां ऊषा और गुड्डी को छोड़ा है। सुरेश बघेल की मौत से परिवार में मातमी कोहराम मच गया है। पत्नी समेत परिजन सुधबुध खो बैठे है।

सुरेश बघेल की मौत के साथ ही परिवार बिखर गया है। पत्नी बिट्टी देवी बेसुध पड़ी है। बिट्टी की बहन एवं मृतक के छोटे भाई की पत्नी विशुना देवी का खून खौल उठा है। उसने परिवार के मुखिया को छीनने वालों के लिए सजा ए मौत की मांग की। करुण क्रन्दन के बीच वह चीख रही थी। जिस तरह से घर के मुखिया को मारा है, बैसी मौत मारने वालों को मिले। न्याय के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगीं। परिजन भी गम और गुस्से में है। घर उजाड़ने वालों को उनके किये की सजा दिलाये जाने की पुलिस से मांग की है।

भाजपा बाह देहात मंडल के अध्यक्ष रविन्द्र बघेल के घायल चाचा सुरेश बघेल की मौत पर सोमवार को सांसद राजकुमार चाहर के बेटे परमवीर चाहर मोर्चरी पर पहुंचे। मृतक के परिजनों को ढांढ़स बंधा कर शोक संवेदना प्रकट की। परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात कही।

वर्जन-गुंगावली गांव में जान लेवा हमले में घायल हुए सुरेश बघेल की उपचार के दौरान मौत हुई है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया है। जान लेवा हमले के आरोपियों पर हत्या का धारा बढाई जायेगी- अनिल कुमार, एसीपी पिनाहट



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